अलीगढ़

शहर की जल निकासी व्यवस्था को मिल रहा विस्तार, प्रमुख क्षेत्रों में नाला व सम्पवैल निर्माण पूर्ण

जलभराव से राहत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा कार्य, आगरा रोड परियोजना पूर्ण कर हस्तांतरित

अलीगढ़ : शहर के महेन्द्र नगर, आगरा रोड, रूसा हॉस्पिटल, मैरिस रोड, सुरेन्द्र नगर, छर्रा अड्डा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित जल निकासी योजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 62.96 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना में वर्तमान में 84 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के शेष कार्यों को भी निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार दिसंबर तक पूर्ण किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत सिविल लाइन क्षेत्र में नाला निर्माण, आगरा रोड नाला निर्माण, छर्रा अड्डा-सुरेन्द्र नगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था, पला पॉण्ड एवं कालीदेह पॉण्ड क्षेत्र में सम्पवैल निर्माण, राइजिंग मेन बिछाने सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। आगरा रोड पर सम्पवैल कम पम्प हाउस, नाला एवं राइजिंग मेन का कार्य पूर्ण कर उसकी कमीशनिंग की जा चुकी है और हस्तांतरण संबंधी प्रपत्र भी प्रेषित किए जा चुके हैं। कालीदेह सम्पवैल एवं पला पॉण्ड सम्पवैल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और इनकी कमीशनिंग एवं ट्रायल रन की प्रक्रिया प्रगति पर है। वहीं छर्रा अड्डा सम्पवैल का लगभग 82 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है।परियोजना प्रबंधक सीएमडीएस गिरीश कुमार ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना के शेष कार्यों में कुछ स्थानों पर स्थानीय परिस्थितियों के कारण अतिरिक्त समय की आवश्यकता पड़ रही है। केला नगर चौराहे से जीवनगढ़ होते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा एटीएम तक नाले के एलाइनमेंट में विद्युत ट्रांसफार्मर एवं विद्युत पोल स्थित होने और शिफ्टिंग के लिए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध न होने के कारण कार्य में तकनीकी एवं स्थल संबंधी चुनौतियां आईं। जीवनगढ़ क्षेत्र में घनी आबादी को देखते हुए कार्यस्थल का निरीक्षण कर नाले को सड़क के मध्य बनाए जाने का प्रस्ताव किया गया। इसके अतिरिक्त पला पॉण्ड सम्पवैल के निर्माण स्थल पर भूमि नीची होने के कारण आवश्यक मिट्टी भराई का कार्य भी कराया जाना पड़ा।उन्होंने बताया कि जीवनगढ़ क्षेत्र में घनी आबादी एवं संकरी सड़क के कारण कार्य को चरणबद्ध ढंग से कराया जा रहा है। रात्रि 10 बजे के बाद कार्य किए जाने और प्रीकास्ट सेगमेंट की प्रतिदिन सीमित मात्रा में लेइंग संभव होने के कारण कार्य की गति प्रभावित होती है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शेष कार्यों को इस वर्ष अंत तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
गिरीश कुमार का कहना है कि जल निकासी योजना के पूर्ण होने से संबंधित क्षेत्रों में वर्षा जल एवं जलभराव की निकासी व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। विभाग द्वारा पूर्ण हो चुके कार्यों की कमीशनिंग और शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

JNS News 24

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