महानगर की अग्नि सुरक्षा को नई मजबूती देने की पहल, 84 नए फायर हाइड्रेंट स्थापित करने की तैयारी
जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर तैयार हुआ व्यापक प्रस्ताव, घनी आबादी और व्यस्त बाजारों को मिलेगी प्राथमिकता

अलीगढ़ : अलीगढ़ महानगर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक, प्रभावी और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके निर्देश पर अग्निशमन विभाग द्वारा नगर क्षेत्र का व्यापक सर्वेक्षण कर 84 नए फायर हाइड्रेंट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव अनुमोदन के उपरांत चरणबध्द और प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए जाएंगे। इस संबंध में कैंप कार्यालय पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही शहर की आधारभूत व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने और संभावित आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगजनी जैसी घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और आग लगने पर तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फायर हाइड्रेंट नेटवर्क को मजबूत करने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने महानगर के शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में अग्निशमन सुविधाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध जल स्रोतों और भविष्य की आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर किए गए सर्वेक्षण में जलापूर्ति व्यवस्था, जनसंख्या घनत्व, व्यावसायिक गतिविधियों, यातायात दबाव एवं अग्नि दुर्घटनाओं की संभावनाओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया। इसके आधार पर 84 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां फायर हाइड्रेंट स्थापित होने से आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन वाहनों को तत्काल जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नगर क्षेत्र के 145 सार्वजनिक नलकूपों में से 47 क्रियाशील हैं। प्रस्तावित फायर हाइड्रेंट इन्हीं जल स्रोतों से जोड़े जाएंगे, जिससे आग लगने की स्थिति में पानी की उपलब्धता में विलंब नहीं होगा और आग पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सकेगा।
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि महानगर के अनेक पुराने बाजार और घनी आबादी वाले क्षेत्र संकरी गलियों के कारण अग्निशमन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। कपड़ा बाजार, परचून मंडियां, थोक गोदाम, विद्युत उपकरणों की दुकानें और मिश्रित आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्रों में यदि आग लगती है तो कुछ ही मिनटों में वह विकराल रूप धारण कर लेना स्वाभाविक है। ऐसे क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट की उपलब्धता अग्निशमन दल के लिए जीवनरक्षक साबित होगी और समय रहते आग पर नियंत्रण स्थापित कर बड़े नुकसान को रोका जा सकेगा। प्रस्तावित स्थलों में मामू भांजा, बारहद्वारी, रेलवे रोड, छिपेटी बाजार, कनवरीगंज, तुर्कमान गेट, घास मंडी, ऊपरकोट, देहलीगेट, अचल ताल, जयगंज, अमीर निशां, सराय सुल्तानी सहित अन्य संवेदनशील एवं व्यस्त क्षेत्र शामिल हैं, जहां आग लगने की स्थिति में तत्काल जल उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती होती है।बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग विशेष कर नगर निगम, जल निगम, पुलिस , विद्युत संयुक्त रूप से प्रस्तावित स्थलों का परीक्षण कर आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करें, ताकि योजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध हों तो आग जैसी घटनाओं में जन-धन की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए महानगर को अधिक सुरक्षित बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा, उपाध्यक्ष अलीगढ़ विकास प्राधिकरण कुलदीप मीणा, अपर जिलाधिकारी नगर किंशुक श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सौरभ भट्ट, सचिव अलीगढ़ विकास प्राधिकरण राहुल विश्वकर्मा , एस पी ट्रैफिक प्रवीण कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



