मा0 सभापति उत्तर प्रदेश मत्स्यजीवी सहकारी संघ ने की विभागीय समीक्षा
जिले में स्थित तालाबों को कब्जामुक्त कराते हुए शत-प्रतिशत आवंटन के दिए निर्देश

अलीगढ़ : मा0 सभापति उत्तर प्रदेश मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड श्री वीरू साहनी द्वारा गुरूवार को सर्किट हाउस सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ मत्स्य पालकों के हित में संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। मा0 सभापति ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा मत्स्य पालकों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, आवश्यकता समुचित प्रचार-प्रसार कर पूरी पारदर्शिता से उनको धरातल पर योजनाओं को लागू करने की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मत्स्य पालकों के हित में सहकारी समितियों को भी अब निषादराज बोट सब्सिडी योजना में आवेदन करने की छूट प्रदान करने के साथ ही हैसियत प्रमाण पत्र की बाध्यता समाप्त की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में अवस्थित सभी तालाबों को कब्जामुक्त कराते हुए उनका आवंटन सुनिश्चित किया जाए, इससे जहां एक ओर सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं मत्स्यपालकों को रोजगार के और अधिक अवसर सृजित होेंगे।बैठक का संचालन करते हुए सहायक निदेशक मत्स्य प्रियंका आर्या ने बताया कि जिले में 950 हैक्टेयर क्षेत्रफल में 1234 तालाब हैं जिनमें से अब तक 666 हैक्टेयर के 752 तालाबों का आवंटन हो गया है। उन्होंने बताया कि 36 लाख मत्स्य बीज वितरण के सापेक्ष 38 लाख का वितरण कर दिया गया है। निषादराज बोट सब्सिडी योजना में 24-25 में 02 के लक्ष्य के सापेक्ष 02 को लाभान्वित किया गया। 25-26 में 02 के लक्ष्य के सापेक्ष 03 को स्वीकृत कर शासन को भेजा गया है। मोपेड विद आइस बॉक्स योजना में 03 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। जबकि प्रशिक्षण एवं भ्रमण के लिए 08 के लक्ष्य के सापेक्ष पोर्टल पर 08 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मछुआ बाहुल्य ग्राम अकराबाद के बरहद में 11 सोलर स्ट्रीट लाइट एवं 02 हाई मास्ट लाइट स्थापित कराई गई हैं। सघन मत्स्य पालन के लिए एयरेशन सिस्टम की स्थापना के तहत विगत वर्ष 04 को लाभान्वित किया गया जबकि इस वर्ष 03 को प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि केसीसी कार्ड की प्रगति में 105 के लक्ष्य के सापेक्ष 109 स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं जिनमें से केवल 01 मत्स्य पालका का केसीसी स्वीकृत हुआ है। मा0 सभापति केसीसी की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बैंकर्स के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में लक्ष्य कम है उनमें शासन से पैरवी कर और अधिक लक्ष्य प्राप्त किया जाए ताकि अधिकाधिक मत्स्यपालकों को लाभान्वित किया जा सके।
सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि रिवर रैंचिंग के तहत 2.35 लाख मत्स्य बीज मत्स्य विकास निगम को प्रेषित कर दिए गए हैं। मछुआ दुर्घटना बीमा में 1354 के लक्ष्य के सापेक्ष 877 को लाभान्वित किया गया है। आईजीआरएस पोर्टल पर कोई आवेदन लंबित नहीं है। इस अवसर पर मत्स्यपालक भूरेलाल एवं विवेेक गौतम ने मत्स्य पालकों के लिए निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, मत्स्य उत्पादन के लिए एमएसपी निर्धारण एवं मत्स्य फीड के सैंपल की व्यवस्था मत्स्य विभाग से कराए जाने की बात कही जिस पर मा0 सभापति ने मा0 मुख्यमंत्री जी के समक्ष उनकी बातों को रखने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर 05 नई गठित मत्स्यजीवी सहकारी समितियों दीनापुर, हमीदपुर, रामनगर, लोहगढ़ एवं शहरी मदनगढ़ी को स्वीकृति प्रभाण पत्र भी वितरित किए गए। बैठक में तहसीलदार कोल श्वेता जिंदल, सीओ तृतीय सर्वम सिंह, एडीओ पंचायत समेत अन्य मत्स्यपालक उपस्थित रहे।



