सीडीओ की अध्यक्षता में गौआश्रय स्थलों की जिलास्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न
भीषण गर्मी से पूर्व ही सभी गौश्रय स्थलों में पेयजल, चारे एवं शेड की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराएं

अलीगढ़ मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को गौआश्रय स्थलों की जिलास्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आहुत की गई। सीडीओ ने निर्देशित किया कि भीषण गर्मी से पूर्व ही सभी गौश्रय स्थलों में पेयजल, चारे एवं शेड की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करा ली जाए। जहां हरे चारे की उपलब्धता नहीं है वहां हरे चारे की बोवाई कराते हुए साइलेज की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन गौआश्रय स्थलों में पर्याप्त स्थान है वहां छाया के लिए हरिशंकरी का रोपण किया जाए।बैठक का संचालन करते हुए सीवीओ डा0 दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 130 अस्थाई एवं स्थाई गौआश्रय स्थल हैं जिनमें से 104 अस्थाई, 05 वृहद गौसंरक्षण केंद्र, 19 कान्हा गौशाला एवं 02 काजी हाउस हैं जिनमें 32070 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं। सहभागिता योजना में प्रति ब्लॉक 20-20 गौवंश दिए जाने के लक्ष्य के सापेक्ष इगलास में 41 गौवंश के अतिरिक्त अन्य में अपेक्षित प्रगति न करने पर सीडीओ ने नाराजगी प्रकट करते हुए योजना का लाभ पात्रों को देने के निर्देश दिए। तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड न होने पर संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण आख्या पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।सीडीओ ने साइलेज आपूर्तिकर्ता, सहभागिता योजना के सहभागियों एवं सीसीटीवी आपूर्तिकताओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर भुगतान लंबित न रहे। सीडीओ ने गौशालाओं से संबद्ध भूमि पर चारे उत्पादन की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए गौवंश संरक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
एनडीएलएम:बैठक के दौरान सीवीओ ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन National Digital Livestock Mission के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है, जिसे राज्य सरकारों द्वारा लागू किया जा रहा है। इसका उद्देेश्य देश के सभी पशुओं (गाय, भैंस, बकरी, भेड़, सूअर आदि) का डिजिटल डाटाबेस तैयार करना और पशुधन क्षेत्र को पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने एनडीएलएम की आवश्यकता की जानकारी देते हुए बताया कि पशुओं के एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड, टीकाकरण और उपचार का सही आंकड़े, योजनाओं का लाभ सही लाभार्थी तक पहुँचाने, रोग फैलने पर ट्रैकिंग में सुगमता के लिए एनडीएलएम लागू किया गया है।सीवीओ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत, क्लस्टर, ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर एवं शहरी क्षेत्र में वार्ड, जोन व सिटी स्तर पर टीमों का गठन किया जाना है। सीडीओ ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि संबंधित उपजिलाधिकरी से समन्वय कर पंचायत, क्लस्टर एवं ब्लॉक स्तर पर कार्मिकों को चिन्हित कर उनको नोडल नामित कराया जाए। बैठक में पीडी भाल चन्द त्रिपाठी, सभी बीडीओ, ईओ एवं पशुचिकित्साधिकारीगण उपस्थित रहे।



