राष्ट्र सेविका समिति के प्रवेश प्रबोध समिति शिक्षा वर्ग के आज सातवें दिन हुए बौद्धिक सत्र में क्षेत्र कार्यवाहिका ने रखे विचार, बताया राष्ट्र सेविका समिति की प्रार्थना का महत्व
सीवी गुप्ता विद्यापींठ सिंघारपुर में स्वयंसेविकाये लगातार कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है

राष्ट्र सेविका समिति के प्रवेश प्रबोध समिति शिक्षा वर्ग के आज सातवें दिन हुए बौद्धिक सत्र में क्षेत्र कार्यवाहिका ने रखे विचार, बताया राष्ट्र सेविका समिति की प्रार्थना का महत्व सीवी गुप्ता विद्यापींठ सिंघारपुर में स्वयंसेविकाये लगातार कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
प्रवेश वर्ग के लिए बौद्धिक सत्र की मुख्य वक्ता क्षेत्र कार्यवाहिका नीमा जोशी ने सामूहिक प्रार्थना से सामूहिकता के संस्कार किस प्रकार विकसित होते जाते हैं, इस विषय पर चर्चा की, उन्होंने प्रार्थना अर्थात उच्च व्यक्तियों के समक्ष हृदय की गहराइयों से उठने वाली करुण पुकार को समझाते हुए कहा कि प्रार्थना से विचार एकाग्रचित होते हैं, सकारात्मक आती है,
कृतज्ञता के भाव आते हैं, हृदय में करुणा आती है आध्यात्मिकता आती है और जीवन को उद्देश्य मिलता है। उन्होंने बताया कि समाज के लिए की गई सामूहिक प्रार्थना अवश्य फलीभूत होती है। राष्ट्र सेविका समिति की प्रार्थना में हम गौरवशाली और महान महिलाओं का वंदन करते हैं और समाज की कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते हैं। वहीं दूसरी ओर प्रबोध वर्ग के बौद्धिक सत्र में प्रो. बीना शर्मा ने नारी तू नारायणी विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि भारत की महिलाएं जितनी सामर्थ्यवान और आदरणीय है वह किसी अन्य देश में नहीं है। भारत की भूमि पूजनीय है जो नारी को देवी स्वरूपा समझती है। एक देश, एक परिवार और एक समाज को चलाने के लिए तीन शक्तियों की आवश्यकता होती है- भुजबल, लक्ष्मी और विद्या जिसके लिए भारत में तीन देवियों को पूजा जाता है – दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती उन्होंने देवी सती, सावित्री, अनुसूइया, तारा, अहिल्या, सीता, वृंदा, मंदोदरी आदि महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि हम इन महान भारतीय महिलाओं की तरह मां, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में अपना कर्तव्य पूर्ण करते हुए कार्य करें तो अवश्य ही भारत की नारी पुनः नारायणी बन जाएगी। इस वर्ग में आई बहनों से उन्होंने कहा कि यहां सारी सुख सुविधा छोड़कर अनुशासन और जीवन जीने की कला सीख कर भारत की उस बेटी के रूप में अपना विकास करें जो उज्जवल भारत के भविष्य को गढ़ने के लिए संकल्पित है।



