अलीगढ़

भटकते कदमों को मिलेगी नई दिशा, युवाओं के लिए शुरू होंगे नशामुक्ति परामर्श सत्र

युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अविनाश कुमार ने दिखाई सख्ती

अलीगढ़ : जनपद में युवाओं एवं बच्चों के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने संबंधित विभागों को समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और भविष्य की पीढ़ी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिसके प्रति सभी विभागों को संवेदनशील होकर कार्य करना होगा।सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में एनकोर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा मुक्ति अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए जागरूकता, परामर्श और प्रवर्तन की रणनीति पर एक साथ कार्य किया जाए।जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि काउंसलर्स एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रभावशाली ढंग से विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव और इसके सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के प्रथम चरण में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज एवं डिग्री कॉलेजों को प्राथमिकता देते हुए काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएं, ताकि युवाओं को समय रहते नशे की लत से बचाया जा सके।बैठक में औषधि निरीक्षक दीपक लोधी ने बताया कि हाल ही में निरीक्षण एवं जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर तीन मेडिकल एजेंसियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं और संबंधित थाना प्रभारियों को उनके व्यापार पर रोक लगाने के लिए पत्र प्रेषित किय गया है। इस पर जिलाधिकारी ने अवैध एवं संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और स्लम बस्तियों को नशा विरोधी अभियान के लिए संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए यहां विशेष निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए जो युवाओं को नशे की ओर प्रेरित करने या नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त हों, और उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को भी निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में नियमित रूप से नशा मुक्ति शपथ दिलाई जाए और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों में सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देकर ही नशे की चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है जिलाधिकारी ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्वम सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, सीएमओ डॉ0 आर एन सिंह, डआईओएस डॉ0 पूरन सिंह, औषधि निरीक्षक दीपक लोधी, बीएसए आलोक कुमार सिंह अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

JNS News 24

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