पशुपालक सावधान: चारे में यूरिया अथवा रासायनिक पदार्थ मिलना पशुओं के लिए हो सकता है जानलेवा
पशु द्वारा रासायनिक पदार्थ खा लेने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के रूप में तत्काल सिरका पिलाना हो सकता है लाभकारी

अलीगढ़ मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 दिवाकर त्रिपाठी ने जिले के समस्त पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं के चारे, भूसे एवं खल-बिनौले के निकट यूरिया, डीएपी एवं अन्य रासायनिक उर्वरकों एवं रसायनों का भंडारण न करें। चारे में अनजाने में रासायनिक पदार्थ मिल जाने से पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं और उनकी मृत्यु तक हो सकती है।उन्होंने बताया कि जिला मेरठ में घटित एक घटना के अनुसार चारे में गलती से यूरिया मिल जाने के कारण आठ दुधारू पशुओं की मृत्यु हो गई। यह घटना पशुपालकों के लिए गंभीर चेतावनी है अतः सभी पशुपालक अपने पशुओं के चारे और रासायनिक पदार्थों को अलग-अलग एवं सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि यदि किसी पशुपालक द्वारा भूलवश पशु को यूरिया, डीएपी अथवा कोई अन्य रासायनिक पदार्थ खिला दिया जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल आकस्मिक पशु चिकित्सा सेवा के टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचना दें अथवा नकटतम पशु चिकित्सालय या स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी से तत्काल संपर्क करें, जिससे समय रहते आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।उन्होंने बताया कि पशु द्वारा रासायनिक पदार्थ खा लेने की स्थिति में उसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में तत्काल सिरका पिलाना लाभकारी हो सकता है, किन्तु इसके साथ ही पशु चिकित्सक की सलाह एवं उपचार अवश्य लिया जाना चाहिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने सभी पशुपालकों से पशुओं की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने और इस महत्वपूर्ण जानकारी को अन्य पशुपालकों तक भी पहुंचाने की अपील की है, जिससे ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



