अलीगढ़

बरसात में गोवंशों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, सभी गौ आश्रय स्थलों पर विशेष प्रबंध सुनिश्चित करें –

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जिले के सभी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं समुचित देखभाल के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी

जिलाधिकारी अविनाश कुमार

अलीगढ़  आगामी वर्षा ऋतु और संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जिले के सभी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं समुचित देखभाल के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नगर निगम, नगर निकायों, खंड विकास अधिकारियों, पशुपालन विभाग और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए प्रत्येक गौ आश्रय स्थल पर बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त सूखी जगह, जल निकासी, साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल, चारे के सुरक्षित भंडारण और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में गोवंशों को जलभराव, कीचड़ अथवा अन्य असुविधाओं का सामना नहीं करना चाहिए और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी की जाएमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान गोवंशों को संक्रामक एवं वेक्टर जनित रोगों से बचाना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है इसके लिए सभी गौ आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पर्याप्त औषधियों की उपलब्धता, बीमार एवं असक्त गोवंशों के लिए पृथक आइसोलेशन कक्ष, मच्छर एवं मक्खी नियंत्रण के लिए नियमित दवा छिड़काव और कृमिनाशक दवापान सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गोवंशों का गलाघोटू रोग के विरुद्ध टीकाकरण अभियान 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। साथ ही, अत्यधिक वर्षा अथवा आपदा की स्थिति में आपदा प्रबंधन विभाग से समन्वय स्थापित कर गोवंशों की सुरक्षा एवं आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएंगी।डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार गौ आश्रय स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, चरही एवं फर्श की नियमित सफाई, पानी की चरही पर शेड, परिसर के बाहर सहजन, करौंदा, नीम, पीपल एवं पाकड़ जैसे पौधों का रोपण एवं परिसर के भीतर छायदार वृक्षों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाए जाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि वर्षा ऋतु में गोवंशों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

JNS News 24

Related Articles

error: Content is protected !!