पीएम स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूर्ण होने पर अलीगढ़ में स्वनिधि महोत्सव आयोजित
पथ विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाने में योजना बनी प्रभावी माध्यम, उत्कृष्ट लाभार्थी एवं कर्मी हुए सम्मानित

अलीगढ़ : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सफलतापूर्वक छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश शासन के नगरीय विकास विभाग के मार्गदर्शन में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डूडा कार्यालय के सभागार में पीएम स्वनिधि महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पथ विक्रेताओं, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता कर योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पात्र पथ विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के चरणबद्ध रूप से 15 हजार, 25 हजार तथा 50 हजार तक का कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक, समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज अनुदान तथा अधिक ऋण प्राप्त करने जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना ने हजारों रेहड़ी-पटरी एवं फुटपाथ विक्रेताओं की आजीविका को नई मजबूती प्रदान करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया है।वक्ताओं ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से शहरी गरीबों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं लघु उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आज वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार संवर्धन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाली एक सफल पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है।महोत्सव के दौरान डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाले उत्कृष्ट पथ विक्रेताओं, क्रेडिट कार्ड का प्रभावी उपयोग करने वाले लाभार्थियों तथा योजना के सफल संचालन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डूडा अलीगढ़ कौशल कुमार, पार्षद दीपक कुमार, योगेश सिंघल एवं राजकुमार, शहर मिशन प्रबंधक अनीस अहमद एवं राधेश्याम, सामुदायिक आयोजक अमित कुमार जौहरी, रोविन सिंह, अब्दुल रऊफ, सुल्तान अहमद, शिव कुमार सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पथ विक्रेताओं से योजना का अधिकतम लाभ उठाने और डिजिटल भुगतान को अपनाकर कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।



