ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी का निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप हो रहा कार्य
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की जांच, ओके और रिजेक्टेड मशीनों को अलग-अलग स्ट्रांग रूम में रखने की व्यवस्था

अलीगढ़ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिले में ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) का कार्य निर्धारित मानकों एवं कड़ी निगरानी के बीच किया जा रहा है। गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव राकेश कुमार, एएसआई अंकित और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट ने वेयरहाउस में चल रही ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।जिले में वर्तमान में स्थापित 3,218 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 4,666 बीयू, 4,149 सीयू एवं 4,666 वीवीपैट की एफएलसी का कार्य 02 सितंबर 2026 से प्रारंभ किया गया है।आयोग के निर्देशानुसार 20 ईसीआईएल इंजीनियरों द्वारा आवश्यक पुलिस बल की मौजूदगी में एफएलसी की जा रही है। पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए लाइव वेबकास्टिंग एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।एफएलसी के निरीक्षण के दौरान विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे इनमें भाजपा से श्री सुभाष गुप्ता एवं श्री उदयवीर सिंह लोधी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से श्री इदरीस मुहम्मद, कांग्रेस से श्री नदीम गफूर, समाजवादी पार्टी से श्री शाकिर अंसारी, श्री शहजाद अली एवं श्री मुकेश सूर्यवंशी, बहुजन समाज पार्टी से श्री अशोक कुमार तथा आम आदमी पार्टी से श्री आशीष कुमार शामिल रहे।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार एफएलसी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ओके एवं रिजेक्टेड मशीनों को अलग-अलग स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जा रहा है इससे एफएलसी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा एफएलसी के पर्यवेक्षण के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायिक अनिल कुमार को एफएलसी सुपरवाइजर नामित किया गया है।



