मण्डल में 50 करोड़ से ऊपर की लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की गई
समयबद्धता और गुणवत्ता का पालन करने के दिए गए निर्देश

अलीगढ़: आयुक्त अलीगढ़ मंडल ओ0पी0 आर्य ने कहा कि विकास एवं निर्माण परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यदायी संस्थाएं निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के साथ गुणवत्ता के मानकों का विशेष ध्यान रखें। परियोजनाओं की नियमित निगरानी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग हो और जनता को योजनाओं का समय से लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यदायी स्थाओं को निर्देशित किया कि यदि किसी परियोजना की प्रगति में कोई समस्या आ रही है तो उसे स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी या मण्डलायुक्त के संज्ञान में अवश्य लाएं ताकि उसका समय सहते समाधान कराया जा सके। सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी से अपने कार्याें का निर्वहन करें।
कमिश्नरी सभागार में अगस्त माह तक एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां संबंधित कार्यदायी संस्था जिम्मेदारी तय करते हुए तेजी से काम पूरा कराए।
बैठक का संचालन करते हुए उपनिदेशक अनुला वर्मा ने परियोजनावार सूचना प्रस्तुत कीं। समीक्षा से यह स्पष्ट हुआ के अभी तक सभी परियोजनाओं की औसत प्रगति 63.35 प्रतिशत है। अलीगढ़ मंडल में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 2076.78 करोड़ रुपये की लागत से 22 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के सापेक्ष 1376.62 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। आल ओवर परियोजनाओं की भौतिक प्रगति 63.35 प्रतिशत के सापेक्ष अब तक 872.15 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रगति हासिल की गई है।
उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में सीएंडडीएस यूनिट-25 द्वारा एक, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड द्वारा एक, राज्य सेतु निगम द्वारा दो, जल निगम नगरीय द्वारा पांच और लघु उद्योग निगम द्वारा एक परियोजना पर कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा सड़क निर्माण से संबंधित चार कार्य प्रगति पर हैं। इसी प्रकार एटा में जल निगम नगरीय की एक, हाथरस में लोक निर्माण विभाग भवन खंड की दो एवं जल निगम ग्रामीण की एक परियोजना, जबकि कासगंज में राज्य सेतु निगम की दो निर्माण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
बैठक में महानगर में मल्टी लेवल कार पार्किंग में एक माह में दुकानें आवंटित कर एक माह में लाभार्थियों को शिफ्ट कराने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों में बाधा बन रहे विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर्स एवं लाइनों को प्राथमिकता से शिफ्ट कराने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यो को गति मिल सके। बैठक में जल निकासी संबंधी विभिन्न कार्यों, फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट, अलीगढ़-राया-मथुरा सड़क चौड़ीकरण, रामघाट कल्याण मार्ग सड़क चौड़ीकरण, जीटी रोड सूतमिल से भाकरी सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, यमुना नदी पर सेतु पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक निर्माण कार्य, एटा चुंगी पर ऊपरगामी सेतु निर्माण और पेयजल आपूर्ति पुनर्गठन कार्यों की समीक्षा की गई।
आयुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों को कराने में किसी प्रकार की अन्तर्विभागीय समस्या हो तो उसको अवगत कराया जाए और समयबद्ध रूप से धनराशि की मांग व उपयोगिता प्रमाण पत्र अपने विभाग को उपलब्ध कराया जाए। आवश्यकतानुसार जिलाधिकारी अथवा मण्डलायुक्त स्तर से समाधान कराया जाए। कार्यक्रमों के नियमतः और गुणवत्तापरक कराए जाने का भी निर्देश दिया गया और स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम यादव, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अनुला वर्मा समेत अन्य मण्डलीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



