अलीगढ़। बांस मंडी स्थित नीरज चीला भंडार के संचालक नीरज प्रजापति ने आरोप लगाया अमूल मक्खन की कृत्रिम कमी दिखाकर इसे एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा
20 वर्षों से छिपैटी स्थित थोक बाजार से अमूल मक्खन खरीदते आ रहे हैं

अलीगढ़। बांस मंडी स्थित पत्थर बाजार स्थित नीरज चीला भंडार के संचालक नीरज प्रजापति ने आरोप लगाया है कि बाजार में अमूल मक्खन की कृत्रिम कमी दिखाकर इसे एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके यहां आने वाले ग्राहक चीला केवल अमूल मक्खन में बना हुआ पसंद करते हैं। इसी कारण वह पिछले करीब 20 वर्षों से छिपैटी स्थित थोक बाजार से अमूल मक्खन खरीदते आ रहे हैं।नीरज प्रजापति के अनुसार, पिछले कई महीनों से उन्हें अमूल मक्खन एमआरपी से अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 500 ग्राम अमूल मक्खन की एमआरपी 310 रुपये है, जबकि पहले यही पैक उन्हें थोक में करीब 275 रुपये में मिल जाता था।
उनका आरोप है कि वर्तमान में कुछ थोक विक्रेता स्टॉक रोककर बाजार में कृत्रिम शॉर्टेज दिखा रहे हैं और 500 ग्राम का पैक करीब 360 से 380 रुपये में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमूल मक्खन होटल, रेस्टोरेंट, ठेले-कार्ट और घरेलू उपभोक्ताओं में काफी इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसकी आपूर्ति प्रभावित होने से छोटे दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग से मामले की जांच कराकर एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री तथा जमाखोरी पर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग और थोक विक्रेताओं का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



