ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाने को प्रशासन सख्त, अभिलेख संधारण व वित्तीय अनुशासन पर फोकस
रिकॉर्ड अपडेट और वसूली अभियान तेज, 2 माह में ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण का लक्ष्य

अलीगढ़ : जिले में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों से संबंधित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए प्रशासन ने तेज और प्रभावी कदम उठाए हैं। डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के लंबित ऑडिट प्रकरणों के समाधान के लिए व्यापक कार्यवाही युद्धस्तर पर संचालित की जा रही है।
जिले की 12 विकास खंडों की 852 ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों के ऑडिट के क्रम में अभिलेखों के अद्यावधिक संधारण और प्रस्तुतिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। अब तक वित्तीय वर्ष 2016-17 के 136 में से 30 और 2017-18 के 140 में से 51 ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण कर संबंधित आख्या, व्यय प्रमाणक एवं अभिलेखों सहित जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जा चुका है। शेष लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों, सहायक विकास पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम प्रधानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द अभिलेख उपलब्ध कराएं नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। जहां भी शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की आशंका पाई गई है, वहां वसूली की प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
जिला पंचायतीराज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी ग्राम पंचायतों में अभिलेखों को अद्यावधिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है और आगामी दो माह के भीतर सभी लंबित ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण कर लिया जाएगा। इस दिशा में निरंतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय की जा रही है। जिला प्रशासन की इस पहल से न केवल वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।



