आंधी-तूफान, वज्रपात एवं भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट जारी
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनपदवासियों से सतर्क एवं सुरक्षित रहने की अपील की

अलीगढ़ जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर जनपदवासियों को संभावित आंधी-तूफान, तेज हवाओं, वज्रपात, ओलावृष्टि, भीषण गर्मी एवं लू की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम को गंभीरता से लेते हुए सभी नागरिक सुरक्षा उपायों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान एवं तेज हवाओं के दौरान सभी विद्युत उपकरण बंद रखें और यात्रा के दौरान सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं। टिन शेड, होर्डिंग्स, जर्जर भवनों, पेड़ों, मोबाइल टावर एवं बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने नागरिकों से पक्के भवनों के अंदर रहने, बिजली के उपकरणों एवं तारों से दूरी बनाए रखने और खुले मैदान, जलाशयों एवं पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की। खेतों में कार्य कर रहे किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।भीषण गर्मी एवं हीट वेव को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने, अत्यधिक धूप में बाहर न निकलने और बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लू के प्रभाव से बचने के लिए छायादार स्थानों पर रहें, समय-समय पर विश्राम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। ठंडक देने वाले फल एवं पेय पदार्थों का सेवन करें।जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि मौसम संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए रेडियो, टीवी, समाचार पत्र एवं अन्य आधिकारिक संचार माध्यमों पर नजर बनाए रखें। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाइयां, टॉर्च, बैटरी एवं खाद्य सामग्री आदि पूर्व से तैयार रखें। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि यह चेतावनी एवं सुरक्षा संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि किसी भी संभावित आपदा में जनहानि एवं नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।



