जिले में उर्वरकों की भरपूर उपलब्धता, किसानों से अनावश्यक भंडारण न करने की अपील
संतुलित उर्वरक प्रयोग से बचाएं मिट्टी और भूजल, खेत बचाओ अभियान को दें गति

अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने किसान भाइयों को आश्वस्त किया है कि जिले में सभी प्रकार के उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी क्षेत्र में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों की खरीद करें और अनावश्यक भंडारण से बचेंजिलाधिकारी ने बताया कि 01 अप्रैल से 31 मई के बीच जिले में 12,274 मीट्रिक टन यूरिया, 1,433 मीट्रिक टन डीएपी, 374 मीट्रिक टन एनपीके एवं 82 मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके बावजूद 02 जून को जिले में 26,927 मीट्रिक टन यूरिया, 10,593 मीट्रिक टन डीएपी, 5,092 मीट्रिक टन एमओपी, 6,292 मीट्रिक टन एनपीके और 1,461 मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि के आधार पर एक किसान को अधिकतम 5 बैग डीएपी एवं 7 बैग यूरिया ही उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे अधिक मात्रा का भंडारण उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा सभी समितियों को उनकी मांग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है और किसी भी समिति में उर्वरक की कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से ‘खेत बचाओ अभियान’ में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आवश्यकता से अधिक यूरिया का प्रयोग मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित कर रहा है और भूजल की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए एनपीके का आदर्श अनुपात 4ः2ः1 माना जाता है, जबकि वर्तमान में यह अनुपात बढ़कर लगभग 22ः6ः1 तक पहुंच गया है, जो कृषि एवं पर्यावरण दोनों के लिए चिंताजनक स्थिति है। किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग कर भूमि की उत्पादकता एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए। उर्वरक संबंधी किसी भी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान बंधु दूरभाष संख्या 9504997660 एवं 9412509759 पर संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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