अलीगढ़

फपीओ की क्षमता संवर्धन के लिए मण्डल स्तरीय कार्यशाला आयोजित

जेडीसी, सभी सीडीओ एवं जेडी ऐग्रिकल्चर द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया

अलीगढ़ : आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत कृषक उत्पादन संगठनों की कार्य क्षमता में वृद्धि के लिए मण्डलायुक्त सभागार में जेडीसी सर्वेश चन्द्र की अध्यक्षता में मण्डल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जेडीसी, सभी सीडीओ एवं जेडी ऐग्रिकल्चर द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया।टेक्निकल सपोर्ट टीम के सदस्य अमित द्विवेदी ने एफपीओ शक्ति पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बिजनेस प्लान तैयार करने, शिकायत पंजीकरण, मंडी दर एकीकरण, ई-मार्केट प्लेस के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सभी एफपीओ संचालक पोर्टल का संचालन करें, अपनी सूचनाएं भरें। यह भविष्य में एफपीओ का बिज़नेस बढ़ाने में काफी सहायक एवं मददगार साबित होगा। डॉ0 नूतन कौशिक ने नवीन एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एफपीओ किस तरह से कृषि पद्धति में बदलाव कर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने एग्री फोटोवोल्टिक योजना के बारे में बताया कि 5 केवी से 10 केवी तक का सोलर लगा सकते हैं। इससे फसल में कोई नुकसान नहीं होता है। उन्होंने बायोकंट्रोल एवं बायोफर्टिलाइजर्स, पोर्टेबल शेड, पैकेजिंग, फूड चैम्बर टेक्नोलॉजी, ड्रोन ऐग्रिकल्चर एंड हॉर्टिकल्चर, ब्लॉक चैन, इंटरक्रोपिंग, सीडिंग ट्रीटमेंट, कीट और बीमारी प्रबंधन के लिए आईपीएम पैकेज ट्रेनिंग एवं मार्केटिंग प्रशिक्षण के बारे में आसान भाषा में समझाया।उप निदेशक उद्यान मुकेश कुमार ने विभागीय योजनाओं के बारे में बताते हुए खाद्य प्रसंस्करण द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों अचार, मुरब्बा, जैली, पापड़ एवं अन्य रेडी तो मूव उत्पादों के बारे में समझाया। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023, ड्रिप सिंचाई पद्धति एवं मशरूम उत्पादन के बारे में भी बताया।

जिला कृषि अधिकारी हाथरस आर के सिंह ने खाद-बीज, कीटनाशक बिक्री, लाइसेंसिंग प्रक्रिया एवं ई-पॉश मशीन के बारे में बताया। डॉ दिनेश चंद्र ने कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए ढांचे की व्यवस्था करने एवं कृषि निर्यात नीति, जीआई टैग वाले कृषि उत्पादों के लाभ एवं महत्व के बारे में बताया। उन्होंने एफपीओ से आग्रह किया कि वह निर्यातोन्मुखी क्लस्टर का निर्माण कर नीति के तहत दिए जाने वाले प्रोत्साहनों का लाभ उठाएं।कार्यशाला के द्वितीय सत्र में एफपीओ को व्यावसायिक गतिविधियों, उत्पादकता में सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए गुणवत्तायुक्त उत्पाद, वित्तीय ऋण सेवाएं, बीमा जमा, फारवर्ड मार्केट लिंकेज को बढ़ाने, कृषि उत्पादों के क्रय को बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गई।बृज किसान एफपीओ संचालक संतोष कुमार ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के फायदे गिनाते हुए रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग न करने और संतुलित मात्रा में पानी दिए जाने की बात कही। इस अवसर पर सीडीओ अलीगढ़ आकांक्षा राना, सीडीओ एटा ए0के0 बाजपेयी, सीडीओ कासगंज सचिन, सीडीओ हाथरस साहित्य प्रकाश मिश्रा, संयुक्त निदेशक कृषि राकेश बाबू सहित पशुपालन, मत्स्य, गन्ना, बैंक, सिंचाई एवं एफपीओ संचालक सरस्वती, मुकेश कुमार, अमर सिंह, राहुल वशिष्ट, गोपाल मिश्रा, बबलू शर्मा, भरत सिंह, दिनेश कुमार, राजवीर सिंह, विनोद सिंह, किताब सिंह वर्मा, अजय पाल सिंह, गजेन्द्र सिंह, आदित्य गौड़, अनिल कुमार, राजीव कुमार दीक्षित उपस्थित रहे।

JNS News 24

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