डॉ. विभव वार्ष्णेय ने पूरा किया वादा, सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दवा व्यापारी के दोनों बच्चों को लिया गोद
अलीगढ़। राजनीति केवल भाषणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि सामाजिक सरोकार और संवेदनाओं का नाम है; इसे आज भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक और प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभव वार्ष्णेय ने सच कर दिखाया

डॉ. विभव वार्ष्णेय ने पूरा किया वादा, सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दवा व्यापारी के दोनों बच्चों को लिया गोद
अलीगढ़। राजनीति केवल भाषणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि सामाजिक सरोकार और संवेदनाओं का नाम है; इसे आज भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक और प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभव वार्ष्णेय ने सच कर दिखाया।
बीते दिनों गूलर रोड पर सीएम ग्रेड सड़क निर्माण कार्य के चलते हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्थानीय दवा व्यापारी विकास राठौर का आकस्मिक निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए डॉ. विभव वार्ष्णेय ने मृतक के दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया था। आज उन्होंने अपने इस सेवा संकल्प और वादे को पूरी सत्यनिष्ठा से पूरा कर दिया।
डॉ. विभव वार्ष्णेय आज स्वयं मृतक दवा व्यापारी के न्यू राजेंद्र नगर स्थित निज निवास स्थान पर पहुँचे। वहाँ उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दिवंगत विकास के दोनों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करते हुए उन्होंने दोनों को विधिवत गोद लेने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को घर जाकर स्वयं पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी समस्त आवश्यक पाठ्य सामग्री (स्टडी मटेरियल) और स्टेशनरी किट्स भेंट कीं।
स्कूल की फीस होगी पूरी तरह माफ, भविष्य की भी ली जिम्मेदारी
बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए डॉ. वार्षनेय ने ऐलान किया कि दोनों बच्चों की स्कूल की फीस पूरी तरह से माफ कराई जाएगी ताकि उनकी शिक्षा में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने बच्चों से पूरी लगन के साथ पढ़ाई करने का वादा लिया और कहा, “भविष्य में पढ़ाई या किसी भी मोड़ पर कोई भी मुश्किल आए, तो अपने इस डॉक्टर अंकल को याद कर लेना, मैं हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा हूँ।”
डॉ. विभव वार्ष्णेय ने दिवंगत व्यापारी की पत्नी सारिका को भी सांत्वना दी और इस बेहद कठिन समय में धैर्य व हिम्मत से काम लेने की हिदायत दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में पूरा समाज और वे स्वयं हर कदम पर परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।



