हैंड्स फॉर हैल्प संस्था ने थामा लाल सिंह का हाथ, रोजगार देकर चार बच्चों के पिता को बनाया आत्मनिर्भर
अलीगढ़। चार बच्चों के भविष्य की चिंता और बेरोजगारी से जूझ रहे बरौला निवासी लाल सिंह (50 वर्ष) के परिवार के लिए हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था उम्मीद की किरण बनी

अलीगढ़। चार बच्चों के भविष्य की चिंता और बेरोजगारी से जूझ रहे बरौला निवासी लाल सिंह (50 वर्ष) के परिवार के लिए हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था उम्मीद की किरण बनी। परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलने पर संस्था की टीम ने उनके घर पहुंचकर परिस्थितियों को समझा।
लाल सिंह चार बच्चों के पिता हैं और बच्चों की मां नहीं हैं। बच्चों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। वह पहले वह किसी और की रेहड़ी पर मजदूरी पर काम करके परिवार का गुजारा करते थे, वहाँ से काम बंद हो गया। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। उनके चार बच्चों में एक बच्चा मूक-बधिर है, जो प्रतिभाशाली है और आगे पढ़कर अपने सपनों को पूरा करना चाहता है।
परिवार की स्थिति को देखते हुए हैंड्स फॉर हेल्प संस्था ने केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय लाल सिंह को स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया। संस्था के सहयोग से आत्मनिर्भर काउंटर नंबर 7 के रूप में छोले-कुलचे की रेहड़ी खुलवाई गई और लाल सिंह को स्वरोजगार से जोड़ा गया। अब लाल सिंह स्वयं छोले-कुलचे की रेहड़ी संचालित कर अपनी आमदनी कर सकेंगे और अपने चारों बच्चों के पालन-पोषण व भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। रोजगार मिलने के बाद लाल सिंह और उनके परिवार में खुशी का माहौल है। संस्था के वरिष्ठ सदस्य डॉ. ए.के. शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को तत्काल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार को स्वरोजगार उपलब्ध कराना उसके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सही समय पर मिला सहयोग किसी परिवार की पूरी दिशा बदल सकता है। संस्था आगे भी जरूरतमंद लोगों को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करती रहेगी।
इस अवसर पर संस्था के डॉ डी के वर्मा, डॉ एस के गौड़, डॉ ए के शर्मा,सुशील शर्मा,नीरज रानी, शिवम माहेश्वरी, अजय राणा, संस्थाध्यक्ष सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे।



