मंदिर को तोड़ने की कोशिश की तो करुंगा आत्मदाह-ज्ञानेंद्र सिंह चौहान
बालाजी मंदिर तोड़ने के विरोध आये हिंदूवादी

लोधा: खेरेश्वर चौराहा स्थित प्राचीन श्री बालाजी मंदिर को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा जबरन तोड़े जाने के विरोध में स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से नाराज भारी संख्या में आम जनमानस और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और उन्होंने प्रशासन व NHAI के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आक्रोशित लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर आस्था के केंद्र को इस तरह जबरन ढहाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।भाजपा राज में मंदिर टूटने पर गहराया आक्रोश प्रदर्शनकारियों ने सूबे की भाजपा सरकार पर भी तीखे सवाल खड़े किए। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि खुद को सनातन धर्म की हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार के राज में मंदिरों को इस तरह निशाना बनाया जा रहा है। जनभावनाओं और आस्था का सम्मान करने के बजाय प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहा है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे आक्रोश को देखते हुए फिलहाल मंदिर तोड़े जाने की कार्रवाई को रोकना पड़ा
एसओ लोधा के समझाने पर सभी हिंदूवादी शांत हो गये मंदिर समिति एवं भक्तों ने पिलर बेस पुल बनाए जाने व मंदिर हर हाल में बचाने की मांग पर अड़े हुए हैं एसओ लोधा ने कहा कि जो भी आपकी मांगें हैं उन्हें अवश्य ही अधिकारियों तक पहुंचाएंगे
करनी सेना के राष्ट्रीय सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र चौहान ने इस मुद्दे को अपना समर्थन दिया और कहा कि अगर मंदिर तोड़ने का प्रयास किया गया तो में आत्मदाह कर लूंगा तथा आंदोलन किया जाएगा
गणेश मंदिर के अचलेश्वर पीठाधीश्वर महंत विनय नाथ ने कहा कि हिंदुओं की आस्था को किसी भी कीमत पर चोट नहीं पहुंचने दी जाएगी मंदिर नहीं तोड़ने देंगे इस मौके पर
मंदिर समिति के अंशुल वार्ष्णेय,एडवोकेट मुकेश वार्ष्णेय,हैरी वार्ष्णेय, पुष्पेंद्र वार्ष्णेय , सचिन राघव,विष्णुकांत,
दीपक राजपूत ,आदि व महिलाओं सहित काफी लोग मौजूद रहे ।



