सीएम के निर्देशों से बुनकरों को नई ताकत, योजनाओं से आय और सम्मान में बढ़ोतरी
जिले में बुनकर कल्याण को रफ्तार, अनुदान, बिजली राहत और ऋण से मिल रहा संबल

अलीगढ़ : हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग देवेन्द्र कुमार ने बताया कि बुनकरों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ते हुए उनकी आय बढ़ाने, सम्मान सुनिश्चित करने और रोजगार के स्थायित्व के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। सहायक निदेशक हथकरघा ने बुनकरों से कहा है कि किसी भी सहायता या जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9891313114 पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना और मुख्यमंत्री हैण्डलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के अंतर्गत बुनकरों को नई मशीनें उपलब्ध कराने एवं कार्यशालाओं के निर्माण के लिए प्रति बुनकर रुपया 1,40,000 का अनुदान दो किस्तों में प्रदान किया जा रहा है। विभागीय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा विचार कर वित्तीय स्वीकृति के लिए सूची निदेशालय को भेजी जाती है।
इसी क्रम में हथकरघा विद्युत छूट प्रतिपूर्ति योजना के तहत बुनकर परिवारों को राहत प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र बुनकरों को डीबीटी माध्यम से वर्ष में रुपया 3,936 की राशि दो किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। आवेदन विभागीय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर विद्युत विभाग से सत्यापन उपरांत निदेशालय कानपुर को प्रेषित किए जाते हैं।
देवेन्द्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री हथकरघा बुनकर मुद्रा योजना के माध्यम से भी बुनकरों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को संबंधित बैंक शाखाओं को भेजकर शीघ्र ऋण वितरण सुनिश्चित कराया जाता है।
बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट उत्पाद तैयार करने वाले बुनकरों को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा चयनित कर प्रथम पुरस्कार रुपया 20,000, द्वितीय रुपया 15,000 एवं तृतीय रुपया 10,000 प्रदान किया जाता है। साथ ही, बुनकरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए जिला एवं प्रदेश स्तर पर आयोजित प्रदर्शनी में निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि अभी हाल ही में 09 अप्रैल को माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप विभाग बुनकरों की आय, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। क्लस्टर आधारित विकास के माध्यम से बुनकरों को बाजार, डिजाइन और आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, हथकरघा क्षेत्र को वैल्यू चेन मॉडल पर विकसित करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग के जरिए बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। सहायक आयुक्त ने बताया कि पावरलूम बुनकरों के विद्युत व्यय में कमी लाने के लिए भी प्रभावी रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और बुनकर समाज आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बने।



