अलीगढ़

जल जीवन मिशन की समीक्षा: मार्च 2027 तक शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश  

90 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली योजनाओं को प्राथमिकता, नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर

अलीगढ़ : जिलाधिकारी ने गुरुवार को जिले में संचालित जल जीवन मिशन की विभिन्न पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर शीघ्र पूर्ण कर नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पाइपलाइन लीकेज सहित अन्य तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए और शेष योजनाओं से भी यथाशीघ्र जलापूर्ति प्रारंभ कराई जाए। समीक्षा बैठक में अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण ने बताया कि जिले के कुल 1124 राजस्व ग्रामों में से 54 ग्राम पूर्व निर्मित 43 पेयजल योजनाओं से आच्छादित हैं। इन योजनाओं का संचालन पहले ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता था, जबकि नवीन अनुरक्षण नीति-2024 के तहत मई 2025 से इनके सुदृढ़ीकरण और अगले 10 वर्षों के संचालन एवं रखरखाव का दायित्व मै. प्रवीन इलेक्ट्रिकल्स को सौंपा गया है। इसके लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति एवं धनावंटन हेतु मुख्यालय को भेज दिए गए हैं।   बैठक में बताया गया कि शेष 1070 राजस्व ग्रामों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत सूचीबद्ध कार्यदायी संस्थाओं आयन एक्सचेंज, केपीटीएल एवं पीएनसी को आवंटित किया गया है। इन योजनाओं के अंतर्गत 731 नलकूप, 731 पम्प हाउस, 7171 किलोमीटर वितरण पाइपलाइन, 729 शिरोपरि जलाशय, 3,93,876 गृह जल संयोजन और 2015 किलोमीटर रोड ट्रेंच मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिशासी अभियंता लोकेश शर्मा ने बताया कि अब तक 730 नलकूप, 723 पम्प हाउस, 7120 किलोमीटर वितरण पाइपलाइन, 315 शिरोपरि जलाशय, 3,86,058 गृह जल संयोजन और 1947 किलोमीटर रोड ट्रेंच मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिन्हें मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि 1070 राजस्व ग्रामों में से 186 ग्रामों में सभी कार्य पूर्ण कर 135 पेयजल योजनाओं को संचालन एवं अनुरक्षण व्यवस्था में शामिल किया जा चुका है, जहां शिरोपरि जलाशयों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त 567 ग्रामों में प्रत्यक्ष पम्पिंग एवं शिरोपरि जलाशयों के माध्यम से आंशिक जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर उन्हें अगले 10 वर्षों के संचालन एवं अनुरक्षण तंत्र में शामिल किया जा रहा है और उसी के अनुरूप धनावंटन भी किया जा रहा है  जिलाधिकारी ने समीक्षा के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार सहित एजेंसियों से अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

JNS News 24

Related Articles

error: Content is protected !!