अलीगढ़
आरबीएसके नौनिहालों के लिए जीवनदायी सहारा: निःशुल्क उपचार से लौट रही बच्चों की मुस्कान
उम्मीद की धडकन: आरबीएसके से जन्मजात हृदय रोग से जूझते बच्चों को मिला नया जीवन

अलीगढ़ : केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप ‘सबका साथ, सबका विकास‘ की भावना को साकार करते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जन्मजात बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को महंगे उपचार की चिंता से मुक्त कर यह योजना निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध करा रही ह महानगर के शहंशाबाद जमालपुर निवासी 12 वर्षीय सिदरा लंबे समय से जन्मजात हृदय रोग से पीडत थीं। परिवार ने कई निजी चिकित्सकों और अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला। लगातार बढते खर्च और बच्ची के नीले पडते होंठ व नाखून परिवार की चिंता का कारण बने हुए थे। मेडिकल कॉलेज में आयोजित हृदय रोग शिविर के माध्यम से परिवार को आरबीएसके की जानकारी मिली। योजना के तहत निःशुल्क उपचार के बाद सिदरा के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आया और पूरा परिवार राहत एवं खुशी का अनुभव कर रहा है।इसी प्रकार जयगंज निवासी 14 माह की अराध्या को जन्मजात हृदय रोग के कारण दूध पीने में कठिनाई होती थी और रोने पर उसका शरीर नीला पड जाता था। अनेक स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद लाभ नहीं मिला। मोहल्ले की आशा कार्यकर्ता ने परिवार को आरबीएसके से जोडा, जिसके बाद टीम के सहयोग से बच्ची का निःशुल्क उपचार संभव हुआ। आज अराध्या स्वस्थ है और परिवार सरकार की इस जनहितकारी योजना के प्रति आभार व्यक्त कर रहा है। सीएमओ डा0 आर0एन0 सिंह कहते हैं कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम यह सिद्ध कर रहा है कि सरकार की योजनाएँ अंतिम पंक्ति में खडे जरूरतमंद तक पहुँचकर न केवल जीवन बचा रही हैं, बल्कि परिवारों के चेहरों पर नई मुस्कान भी लौटा रही हैं।
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