अलीगढ़

छात्रवृत्ति पंजीकरण में तेजी लाएं, तकनीकी खामियों के कारण छूटे विद्यार्थियों को मिले अतिरिक्त अवसर -मंडलायुक्त

15 दिन अतिरिक्त समय दिए जाने के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश, निरस्त आवेदनों की होगी गहन समीक्षा

अलीगढ़ : मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल श्री ओ.पी. आर्य की अध्यक्षता में सोमवार को मंडल में छात्रवृत्ति पंजीकरण, सत्यापन एवं वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने छात्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाने और पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं आवेदन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ साफ निर्देश दिए कि किसी भी दशा में पात्र विद्यार्थियों का आवेदन पूरे मण्डल में निरस्त न होने पाए, इस ओर सभी सबंधित विद्यालय एवं अधिकारी सतर्क दृष्टिकोण रखें और छात्र छात्राओं को समय से जानकारी भी उपलब्ध कराएं।
बैठक में उप निदेशक समाज कल्याण मनोज कुमार ने बताया कि हाईस्कूल स्तर पर निर्धारित विद्यार्थियों के सापेक्ष अब तक कुल 13,546 विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया जा चुका है, जिसमें 11,078 नवीन विद्यार्थियों का पंजीकरण शामिल है। इंटरमीडिएट स्तर पर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों द्वारा 9,103 आवेदन किए गए हैं। इनमें से विद्यालय स्तर पर 5,721 आवेदनों का सत्यापन तथा 4,038 आवेदन जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर अग्रसारित किए जा चुके हैं।
पंजीकरण एवं आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर निर्धारित थी। मंडलायुक्त द्वारा शत-प्रतिशत पंजीकरण न होने के कारणों की जानकारी लिए जाने पर अधिकारियों ने अवगत कराया कि समय-समय पर पोर्टल पर आने वाली तकनीकी खामियों के कारण कुछ पात्र विद्यार्थी निर्धारित समय में प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर सके। इस पर मंडलायुक्त ने विद्यार्थी हित को ध्यान में रखते हुए 15 दिन का अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र प्रेषित कराने के निर्देश दिए।पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति में भी चरणवार प्रगति की समीक्षा:उप निदेशक पिछड़ा वर्ग रामकृष्ण वर्मा ने बताया कि हाईस्कूल स्तर पर पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिए 30,313 आवेदन किए गए, जिनमें 21,004 आवेदन विद्यालयों द्वारा प्राप्त किए गए। इनमें से 20,178 आवेदनों का सत्यापन किया गया तथा 99 आवेदन निरस्त और 12,320 आवेदन अग्रसारित किए गए। इसी प्रकार इंटरमीडिएट स्तर पर 24,878 आवेदन किए गए, जिनमें 15,515 आवेदन सत्यापित, 177 आवेदन निरस्त तथा 10,480 आवेदन अग्रसारित किए गए।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि अंतिम रूप से निरस्त किए जाने वाले प्रत्येक आवेदन का स्पष्ट एवं निर्धारित कारण सहित विवरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि निरस्त आवेदनों की गहन समीक्षा कर यह देखा जाएगा कि आवेदन किन कारणों से निरस्त हुए हैं, ताकि पात्र विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाई न हो। बैठक में बताया गया कि आरएमपीएसयू के 352 महाविद्यालयों द्वारा 21 सितंबर तक मास्टर डेटा लॉक किया जा चुका है और कोई मास्टर डेटा लंबित नहीं है। वहीं कैंपस स्तर पर 185 पंजीकरण और 85 आवेदन किए गए हैं।उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अमृता सिंह ने बताया कि कक्षा 9 एवं 10 में 52 प्रतिशत एवं कक्षा 11 एवं 12 में 42 प्रतिशत आवेदन अंतिम रूप से अग्रसारित किए जा चुके हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निधि गोस्वामी ने बताया कि जिले में 766 विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया है, जबकि 529 विद्यार्थियों द्वारा हार्ड कॉपी जमा की गई है।मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देशित किया कि पात्र विद्यार्थियों के हित में सार्थक प्रयास करते हुए शत-प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कारणों से छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न होना पड़े।उन्होंने निरस्त किए गए आवेदन पत्रों की समीक्षा करते हुए उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण को निरस्त आवेदनों की रैंडम जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों को समय से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। अतः सभी अधिकारी एवं शिक्षण संस्थान आपसी समन्वय से लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराते हुए पात्र विद्यार्थियों को शासन की छात्रवृत्ति योजना का लाभ सुनिश्चित कराएं।

JNS News 24

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