पर्यटन को मिलेगा डिजिटल विस्तार, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
विश्व पर्यटन दिवस पर इंफ्लुएंसर मीट में जिले की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने पर हुआ मंथन

अलीगढ़ : विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर कमिश्नरी सभागार में अपर आयुक्त प्रशासन प्रदीप कुमार यादव की अध्यक्षता में इंफ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में अलीगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं क्षेत्रीय पर्यटन संभावनाओं को डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यापक पहचान दिलाने और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर मंथन किया गया।अपर आयुक्त प्रशासन प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि क्षेत्रीय एवं सांस्कृतिक विविधता ही वास्तविक पर्यटन की पहचान है वर्तमान समय में कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटकों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना आसान हुआ है। ऐसे में अलीगढ़ जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने में इंफ्लुएंसर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया के माध्यम से पर्यटन स्थलों, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प एवं विरासत को देश-दुनिया के लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।इस वर्ष की थीम “डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म” निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि नवीन तकनीक, सोशल मीडिया एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से इंफ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से अलीगढ़ के पर्यटन स्थलों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सकता है।इंफ्लुएंसर पंकज धीरज ने कहा कि नवीन पर्यटन नीति होटल एवं पर्यटन क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने मथुरावृंदावन से जुड़े ब्रज सर्किट में अलीगढ़ को भी शामिल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे जनपद में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष मानव महाजन ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को यदि अलीगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानीय संदर्भों की जानकारी मिले, तो अलीगढ़ भी उनके पर्यटन मानचित्र में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल भ्रमण नहीं बल्कि नए अनुभवों और संस्कृति को जानने का माध्यम है। अलीगढ़ किले की ऐतिहासिक विरासत एवं स्थापत्य सौंदर्य जिले के लिए महत्वपूर्ण पर्यटन आकर्षण हैं।उद्यान रिसार्ट संचालक कुलदीप आर्य ने कहा कि पर्यटन का देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।पर्यटन सलाहकार ललित जोशी ने बताया कि जिले के गौमत, नया बास और सहारा खुर्द गांवों का पर्यटन विकास के लिए चयन किया गया है। इन गांवों में स्थानीय लोगों को स्टोरी टेलर के रूप में चिन्हित किया जा रहा है। साथ ही होम स्टे की सुविधा विकसित करने और सोशल मीडिया पेज के माध्यम से गांवों की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय विशेताओं को पर्यटकों तक पहुंचाने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े परिणाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कार्यक्रम के दौरान अपर आयुक्त प्रशासन प्रदीप कुमार यादव ने पर्यटन एवं होटल इंडस्ट्री को डिजिटल माध्यमों से बढ़ावा देने में योगदान देने वाले इंफ्लुएंसर प्रीति चौधरी, कपिल शर्मा, तनु गौतम, अमर ज्योति सिन्हा, संदीप कुमार, कौशल ठाकुर, बाबू शर्मा,आशीष, अरुण कुमार, शेखर, धर्मेंद्र कुमार, मुस्कान, प्रभात एवं अंकित रोशन को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।कार्यक्रम में होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विनीत वार्ष्णेय बंटी, अमन शर्मा एवं जयवीर सिंह सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित हे। कार्यक्रम का संचालन प्रभात कुमार ने किया।



