मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 20 लाभार्थियों के खातों में 89.75 लाख रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित
किसान की मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता

अलीगढ़ मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत जिले के 20 स्वीकृत लाभार्थियों के बैंक खातों में 89 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि ईपेमेंट के माध्यम से हस्तांतरित कर दी गई है जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र किसानों एवं उनके आश्रितों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों एवं उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है योजना के तहत कृषि कार्य अथवा अन्य निर्धारित परिस्थितियों में दुर्घटना के कारण किसान की मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वहीं दुर्घटना में स्थायी दिव्यांगता होने पर दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती हैउन्होंने बताया कि राजस्व परिषद द्वारा जिले को योजना के लिए 7 करोड़ 86 लाख 70 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया हइसी के क्रम में स्वीकृत 20 दावों के सापेक्ष कुल 89.75 लाख रुपये की सहायता राशि संबंधित लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई है इनमें अधिकांश मामलों में मृतक किसानों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी गई है, जबकि दो दिव्यांग किसानों को उनकी दिव्यांगता के प्रतिशत के अनुसार 1.25 लाख रुपये एवं 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों के परिवारों को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल प्रदान करती है। दुर्घटना के कारण परिवार पर आने वाले आर्थिक संकट को कम करने में यह योजना अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अप्रिय दुर्घटना की दुःखद स्थिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करें।
डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश:जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने समस्त उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले प्रत्येक पात्र दावे का निर्धारित समय सीमा में स्थलीय सत्यापन कर आवश्यक आख्या एवं संस्तुति समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए, ताकि पात्र किसानों एवं उनके आश्रितों को समयबद्ध ढंग से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही अथवा विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।



