अलीगढ़

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को प्रशासन सख्त, एडीएम की अध्यक्षता में व्यापक रणनीति तैयार

रामघाट-कल्याण मार्ग चौड़ीकरण में वन एवं विद्युत विभाग को कार्याें में तेजी लाने के निर्देश

अलीगढ़ : जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और मृतकों की संख्या घटाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी नगर किंशुक श्रीवास्तव ने की। बैठक में पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों की गहन समीक्षा करते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। रामघाट-कल्याण मार्ग चौड़ीकरण में वन एवं विद्युत विभाग से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर निर्देशित किया गया कि कार्याें में पेड़ कटान एवं विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्य में तेजी लाएं ताकि आमजन को निर्धारित समय सीमा में सड़क का लाभ मिल सके।बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 की तुलना में मार्च 2026 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 103 से बढ़कर 151 हो गई, जो 46.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वहीं मृतकों की संख्या 45 से बढ़कर 55 हो गई। हालांकि कुल क्रमिक दुर्घटनाओं में 279 से बढ़कर 421 तक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मृतकों की क्रमिक संख्या 132 से बढ़कर 146 रही।ब्लैक स्पॉट चिन्हित, सुधार कार्यों में तेजी के निर्देश:वर्ष 2020 से 2024 के बीच जिले में 15 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए, जिनमें से अधिकांश पर सुधारात्मक कार्य कराए जा चुके हैं। वर्ष 2024 में 12 ब्लैक स्पॉट पर कार्य पूर्ण होने के साथ शेष स्थानों पर भी तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एडीएम ने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, लाइटिंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित किए जाएं।यातायात विभाग की समीक्षा में सामने आया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मार्च 2026 में ऐसे मामलों की संख्या 37,316 रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को दर्शाती है। वहीं ओवर स्पीडिंग के मामलों में कमी दर्ज की गई है। एडीएम ने निर्देश दिए कि हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और मोबाइल के प्रयोग पर विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन विभाग द्वारा भी प्रवर्तन कार्यवाही में वृद्धि दर्ज की गई है, जहां कुल चालानों की संख्या 3555 से बढ़कर 3719 हो गई। एडीएम ने निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्रवाई केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ाई जाए।बैठक में दुर्घटना के बाद त्वरित राहत को लेकर 108 एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा की गई। एडीएम ने निर्देश दिए कि दुर्घटना स्थल पर 5 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंच सुनिश्चित की जाए और सभी अस्पतालों में ट्रॉमा केयर की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। इसके साथ ही रोड सेफ्टी क्लबों, विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के माध्यम से बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। अपर जिलाधिकारी किंशुक श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और तय समयसीमा में परिणाम सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी योगेश कुमार, संजीव पुष्कर, एआरटीओ प्रवेश कुमार समेत संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

JNS News 24

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