एक पिता के आँसू बने संस्था की जिम्मेदारी, हैंड्स फॉर हेल्प ने 450 किलोमीटर दूर तक पहुंचाया बेटे का पार्थिव शरीर
हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था की टीम मौके पर पहुंची और परिवार की स्थिति का जायजा लिया।

हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था, अलीगढ़ को सूचना प्राप्त हुई कि जनपद ललितपुर के एक गांव निवासी 14 वर्षीय अमित कुमार के परिजन हृदय रोग के उपचार हेतु अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज आया था। उपचार के दौरान दुर्भाग्यवश अमित कुमार का निधन हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण उनके सामने सबसे बड़ी समस्या अपने पुत्र के पार्थिव शरीर को लगभग 450 किलोमीटर दूर अपने गृह जनपद ललितपुर ले जाने की थी। संसाधनों के अभाव में परिवार स्वयं को असहाय महसूस कर रहा था। सूचना मिलते ही हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था की टीम मौके पर पहुंची और परिवार की स्थिति का जायजा लिया। शोकाकुल परिवार की पीड़ा को देखते हुए संस्था ने तत्काल मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सहायता का निर्णय लिया। संस्था द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था कर अमित कुमार के पार्थिव शरीर एवं परिजनों को सुरक्षित उनके गृह जनपद ललितपुर के लिए रवाना कराया गया। इस कठिन समय में संस्था ने एक दुखी पिता और परिवार का सहारा बनकर मानवता की सच्ची सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। सहायता प्राप्त होने पर परिजनों ने हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मानवीय कार्य में डॉ. एस. के. गौड़, चिराग कुमार, अजय राणा, नसीम भाई, ईबाद भाई तथा संस्था अध्यक्ष सुनील कुमार सहित संस्था के अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। संस्था ने इस सेवा कार्य में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग एवं आशीर्वाद प्रदान करने वाले सभी शुभचिंतकों का भी हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।



