स्वच्छ एवं सतत विकास के लिए अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर
सीडीओ ने विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों के वैज्ञानिक निस्तारण एवं प्रभावी अनुपालन के दिए निर्देश

अलीगढ़ मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला पर्यावरण सुरक्षा एवं जिला गंगा सुरक्षा समिति की बैठक आहुत की गई। बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम कुमार एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लास्टिक वेस्ट, ई-वेस्ट, सॉलिड वेस्ट, कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन वेस्ट और बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन एवं उनके प्रभावी अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। सीडीओ ने निर्देशित किया कि पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित कार्यों एवं बैठकों के लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित कर दिए जाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को गति मिल सके।मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल जिले के निर्माण के लिए सभी विभाग निर्धारित मानकों एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें। उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन के अंतर्गत एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण, प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की कार्यवाही को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।बैठक में ई-वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का सुरक्षित संग्रहण एवं अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।लिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान घर-घर कूड़ा संग्रहण, स्रोत पर कचरे का पृथक्करण, नियमित परिवहन एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण से उत्पन्न मलबे के निर्धारित स्थलों पर संग्रहण, पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से मलबा डाले जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।बैठक में बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे संक्रमण एवं पर्यावरणीय प्रदूषण की संभावनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी, जनजागरूकता एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन के प्रत्येक क्षेत्र में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कर जिले को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।



