राष्ट्रीय आयुष मिशन की प्रगति समीक्षा में सीडीओ ने दिए सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश
जिले को जल्द मिलेंगे 04 नये आयुष औषधालय

अलीगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ0 नरेंद्र कुमार ने किया। बैठक में जिले में आयुष सेवाओं की आधारभूत संरचना, चिकित्सालयों की कार्यशीलता, मानव संसाधन, औषधि उपलब्धता, डिजिटल प्रणाली, डीबीटी, नवाचार एवं भावी कार्ययोजना सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जिले में 04 आयुष औषधालय स्वीकृत हैं, जिनके भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में केवल विद्युत संयोजन कराया जाना शेष है। भवनों का औपचारिक हस्तांतरण प्राप्त होने के 10 से 15 दिनों के भीतर सभी औषधालयों का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
बैठक में अवगत कराया गया कि जिले में वर्तमान में 25 आयुर्वेद, 03 यूनानी और 15 होम्योपैथिक चिकित्सालय पूर्ण रूप से संचालित हैं और सभी संस्थान नियमित रूप से आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सालयों में औसतन प्रति माह लगभग 900 से 950 ओपीडी दर्ज की जा रही हैं। उपलब्ध चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर प्रदान की जा रही हैं।
मानव संसाधन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 24 आयुर्वेद, 03 यूनानी और 13 होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं। आयुर्वेद शाखा में कुल 123 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 74 पदों पर तैनाती है, जबकि 49 पद रिक्त हैं। यूनानी शाखा में 11 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 05 पद भरे हैं और 06 पद रिक्त हैं। योग प्रशिक्षकों एवं अन्य आवश्यक पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता पर भी विशेष चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में आवश्यक आयुष औषधियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उनकी आपूर्ति एवं वितरण नियमित एवं समयबद्ध रूप से किया जा रहा है। मेडिसिन डिस्बर्समेंट रजिस्टर के आधार पर मांग के अनुरूप औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कंप्यूटर, इंटरनेट एवं अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं और एएचआईएमएस प्रणाली का संचालन प्रक्रियाधीन है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि आयुष सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच बढ़ाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुष आउटरीच शिविर, योग शिविर तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वास्थ्य संवर्धन, रोग निवारण तथा औषधीय पौधों के संरक्षण एवं उपयोग के संबंध में भी जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने निर्देश दिए कि रिक्त पदों को शीघ्र भरने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रस्तावित की जाए, नव निर्मित आयुष औषधालयों को निर्धारित समय में क्रियाशील बनाया जाए और आयुष सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने ओपीडी रजिस्टर पर प्रत्येक मरीज का मोबाइल एवं आधार नंबर अंकित करने के निर्देश दिये। साथ ही चिकित्सा शिविरों एवं योग प्रशिक्षिकों द्वारा की जा रही योग क्रियाओं के लिए रोस्टर निर्धारित कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।



