राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त, बड़े बकाएदारों पर कुर्की और वसूली में तेजी लाने के निर्देश
डीएम ने मंडी सचिव के बैठक से अनुपस्थिति रहने पर वेतन रोकने के दिए निर्देश

अलीगढ़: जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलैक्ट्रेट सभागार में कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली, लंबित आरसी, राजस्व न्यायालयों के प्रकरण, चकबंदी, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना तथा आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की।समीक्षा के दौरान स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग ने 102 प्रतिशत वसूली की उपलब्धि दर्ज की। आबकारी विभाग द्वारा 91.33 प्रतिशत वसूली की जानकारी दी गई, जो गत वर्ष की तुलना में बेहतर रही। परिवहन विभाग ने राजस्व में 33 प्रतिशत वृद्धि होने की सूचना दी। जीएसटी विभाग ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष राजस्व संग्रह में मामूली वृद्धि हुई है, जबकि वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष क्रमिक उपलब्धि अपेक्षित स्तर पर नहीं रही। विद्युत विभाग, नगर निगम एवं नगर विकास विभाग की वसूली को संतोषजनक पाया गया। वहीं कृषि विपणन, बांट-माप, लोक निर्माण, सिंचाई, अलौह खनन एवं वन विभाग की वसूली की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।वाणिज्य कर विभाग की लंबित आरसी की समीक्षा में बताया गया कि लगभग 84 करोड़ रुपये के बकाये के सापेक्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है, जबकि विभाग के पास 8 हजार से अधिक आरसी लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से प्रभावी कार्ययोजना की जानकारी मांगी, किंतु संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका। उन्होंने 20 पुरानी आरसी का विस्तृत ब्यौरा तत्काल उपलब्ध कराने और बड़े बकाएदारों के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की लंबित आरसी की समीक्षा में कोल तहसील में 9.46 करोड़ रुपये के सापेक्ष 1.98 करोड़ रुपये की वसूली, अतरौली में 81 लाख रुपये के सापेक्ष माह में 6.58 लाख रुपये की वसूली और 17 लाख रुपये की बड़ी आरसी लंबित होने की जानकारी दी गई। खैर तहसील में 382 आरसी के सापेक्ष 12 लाख रुपये और 4 करोड़ रुपये के बकाये के सापेक्ष 55 लाख रुपये की क्रमिक वसूली की गई। गभाना तहसील में 36 लाख रुपये की आरसी लंबित होने और तीन लाख रुपये से अधिक की वसूली की सूचना दी गई। परिवहन विभाग की विभिन्न तहसीलों में लंबित आरसी की समीक्षा के दौरान तहसीलदारों ने बताया कि अभिलेखों के मिलान की प्रक्रिया चल रही है। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसीलों का दायित्व प्रभावी वसूली करना है। कोई भी आरसी अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए और जिन मामलों में पते गलत हों, उन्हें संबंधित विभाग को तत्काल वापस कर मिलान कराया जाए।विद्युत विभाग की समीक्षा में पोर्टल एवं लेजर में प्रविष्टियों के अंतर पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि वसूली के तुरंत बाद पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विभागों को प्रवर्तन की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग ने बताया कि हाई पोटेंशियल लॉस फीडर क्षेत्रों में लगातार एफआईआर दर्ज कराते हुए विद्युत चोरी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में मंडी सचिव की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन रोकने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों में शीर्ष 10 बड़े बकाएदारों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने तथा कुर्की की कार्रवाई को खतौनी में दर्ज कराने के निर्देश दिए।
राजस्व न्यायालयों की समीक्षा में धारा-24 के अंतर्गत जून माह में 475, जुलाई में 493 और अगस्त माह में 491 वाद लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि तहसीलों में आयोजित होने वाली साप्ताहिक बैठकों में एसडीएम न्यायिक की अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा तीन वर्ष एवं एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। धारा-34 के मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में माह के प्रारंभ में कार्ययोजना तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन किसी भी नायब तहसीलदार द्वारा कार्ययोजना तैयार नहीं की गई। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। धारा-67 एवं धारा-116 के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा में भी प्रगति असंतोषजनक पाई गई। जिले में अंश निर्धारण की प्रगति 85 प्रतिशत रही। धारा-33 के अंतर्गत विरासत के 2,362 प्रकरण निरस्त किए जाने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम एवं तहसीलदारों से निरस्तीकरण के कारणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा में कुल 353 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें 214 संतुष्ट एवं 139 असंतुष्ट पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम एवं तहसीलदारों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि फीडबैक सेल का प्रभावी निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले सप्ताह तक शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सीडीओ योगेन्द्र कुमार, एडीएम वित्त प्रमोद कुमार, एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव समेत सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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