सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, स्कूलों के आसपास लगेंगे स्पीड लिमिट बोर्ड व साइनेज
ओवरलोड वाहनों और व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर होगी प्रभावी कार्रवाई -जिलाधिकारी

अलीगढ़ जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलैक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी एवं ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों और आमजन की सामूहिक जिम्मेदारी है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जहां आवश्यक हो, वहां तकनीकी एवं यातायात सुधार के साथ-साथ नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार द्वारा बताया गया कि रामघाट रोड के प्रांतीय खंड क्षेत्र में 23 विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जहां विद्यालयों के आसपास स्पीड लिमिट बोर्ड एवं अन्य आवश्यक साइनेज लगाए जा रहे हैं। अब तक 44 बोर्ड लगवाए जा चुके हैं। मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है और कार्य पूर्ण होने के बाद अवशेष संकेतक भी स्थापित कर दिए जाएंगे। इस पर जिलाधिकारी ने अगली बैठक में अनुपालन आख्या के साथ लगाए गए बोर्ड एवं शेष बोर्ड का स्पष्ट संख्यात्मक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग संजीव पुष्कर ने बताया कि छह मार्गों पर स्पीड टेबल के निर्माण के लिए 60 स्थान चिन्हित किए गए हैं और इन्हें चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में सम्मिलित कर लिया गया है। नगर निगम द्वारा अवगत कराया गया कि आईआरसी मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर लगाने का कार्य बरसात के बाद प्रारंभ किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि अप्रैल से जुलाई तक जिले में 222 स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई, जबकि 160 वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया। पांच ओवरलोड स्कूली वाहनों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। मिशन ’’सेफ फ्यूचर’’ अभियान के तहत 76 वाहनों के चालान किए गए और 45 वाहन निरुद्ध किए गए। मार्ग चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल वाहनों के विरुद्ध भी प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल से जुलाई तक 469 ओवरलोड माल वाहनों के चालान और 278 वाहनों को निरुद्ध किया गया। कार्रवाई के फलस्वरूप 116.07 लाख रुपये शमन शुल्क जमा कराया गया। व्यावसायिक गतिविधियों में प्रयुक्त की जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के संबंध में जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देश दिए कि किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में जागरूक किया जाए। इसके बाद नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक उपयोग करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि जिले में 813 विद्यालय हैं, जिनमें से 219 विद्यालय स्कूली वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। इन विद्यालयों में लगभग 1100 वाहन संचालित हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने एसपी ट्रैफिक के माध्यम से सभी थानों को स्कूली वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि वाहनों का प्रभावी सत्यापन एवं निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि 60 विद्यालयों में 18 वर्ष से कम आयु की छात्राओं द्वारा वाहनों के प्रयोग के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इस संबंध में एक सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अवैध कट बंद कराने के साथ दौरऊ मोड़ पर कैमरे की निगरानी:
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के अधिकारियों को संबंधित उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अवैध कट बंद कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा दौरऊ मोड़ पर एनपीआर कैमरा लगाए जाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कैमरे का कनेक्शन लिंक आईट्रिपलसी एवं एसपी ट्रैफिक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि यातायात एवं सड़क सुरक्षा की निगरानी और अधिक प्रभावी हो सके। बैठक में जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट समाप्त किए जाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जट्टारी, बियर फैक्ट्री, गणेशपुर चौराहा, कलाई बंबा, अर्राना, गोमत, अंडला, खेड़ा नारायण सिंह, बौनेर तिराहा, खेरेश्वर चौराहा, सिहोर बंबा, अलीपुर कट, पड़ियावली, नगोला, कासिमपुर मोड़, हस्तपुर एवं पला सल्लू सहित विभिन्न ब्लैक स्पॉट के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
रामघाट रोड पर पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य:
शहर के प्रमुख मार्ग रामघाट रोड पर संचालित प्रतिष्ठानों, चिकित्सालयों, बैंक्वेट हॉल, नर्सिंग होम, रेस्टोरेंट एवं होटलों में पार्किंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रतिष्ठान अपने परिसर में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सड़क पर वाहनों की पार्किंग किसी भी स्थिति में न होने दी जाए, क्योंकि इससे यातायात व्यवस्था बाधित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ती है। सड़क दुर्घटनाओं की तुलनात्मक समीक्षा में पाया गया कि विगत वर्ष जुलाई माह की तुलना में इस वर्ष जुलाई में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 7.69 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि सर्वाधिक दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों की लापरवाही एवं तेज गति से वाहन चलाने के कारण हो रही हैं। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी की दिशा में हुई प्रगति उत्साहजनक है, लेकिन इसे और बेहतर करने की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य केवल आंकड़ों में सुधार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थानों की लगातार निगरानी की जाए, ब्लैक स्पॉट का स्थायी समाधान कराया जाए और तेज गति, ओवरलोडिंग, अवैध पार्किंग एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि जिले की सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।



