विकसित भारत को साकार करने के लिए ग्रामों में रोजगार और आजीविका देना सरकार का लक्ष्य
वीबी जीराम जी के सफल क्रियान्वयन के लिए ’’पंच सम्मेलन’’ का हुआ आयोजन

श्रीमती विजय सिंह, मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत
अलीगढ़ मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन के गॉधी सभागार में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण के सफल क्रियान्वयन के लिए ’’पंच सम्मेलन’’ का आयोजन किया गया। पंच सम्मेलन में मा0 ब्लॉक प्रमुखगण समेत मुख्य विकास अधिकारी, समस्त बीडीओ एवं ग्राम प्रधानों द्वारा प्रतिभाग कर योजना के सफल क्रियान्वयन एवं ग्राम विकास पर विस्तृत चर्चा की गई।मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने उपस्थित ग्राम प्रधानों को बधाई देते हुए कहा कि हम लगातार छटवें वर्ष सरकार द्वारा संचालित योजनाओं केे माध्यम से ग्राम विकास को धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए एक ही मंच पर साथ हैं। उन्होंने कहा कि असली भारत आज भी गॉवों में बसता है, जैसा कि योजना के नाम से ही परिलक्षित होता है कि विकसित भारत के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीणजनों के रोजगार और आजीविका का सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि विगत वर्षों की भांति ही वह वर्ग, जाति और समुदाय की भावना से ऊपर उठकर आगे भी कार्य करें, शासन-प्रशासन हर स्तर पर आपके साथ है।मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने उपायुक्त वीबी जीरामजी को निर्देशित किया कि योजना से संबंध सभी पक्षों से मा0 जनप्रतिनिधियों एवं प्रधानों को अच्छे से अवगत कराते हुए उनकी सभी शंकाओं का समाधान किया जाए। उन्होंने ब्लॉकवार रोस्टर तैयार करते हुए स्वतंत्रता दिवस के पश्चात प्रत्येक विकासखण्ड मुख्यालय पर भी सभी ग्राम प्रधानों की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी बीडीओ एवं ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि योजना की मूल भावना के अनुरूप ग्रामों के समग्र विकास के लिए पूरी पारदर्शिता से इसे लागू करें ताकि स्थायी परिसम्पत्तियों का सृजन हो सके।उपायुक्त वीबी जीराम जी सुभाष नेमा ने पंच सम्मेलन का संचालन करते हुए बताया कि मनरेगा में जहां 100 दिन का रोजगार था वहीं वीबी जीराम जी में 125 दिन का रोजगार है। अब दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 300 रूपये किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामों के ढ़ांचागत विकास को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालय से दूरी पीआई इंडेक्स, विगत वर्षों में हुए विकास कार्य एवं अन्य मानकों के अनुरूप तीन श्रेणियों में बांटा गया है, परन्तु सभी ग्रामों में इच्छुक व्यक्ति को 125 दिन के रोजगार की गांरटी दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में सी श्रेणी में कोई भी ग्राम पंचायत नहीं है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां विकास कार्य प्राथमिकता पर होते थे और रोजगार देना दूसरा महत्व था, वहीं वीबी जीराम जी में रोजगार सृजन को वरीयता दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब 318 प्रकार के कार्य कराए जा सकेंगे, जिसमें जल सुरक्षा संबंधी 107, ग्रामीण आधारभूत संरचना के 91, ग्रामीण आजीविका के 85 एवं आपदा प्रबंधन के 34 कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिन ग्रामीणों के मनरेगा जॉब कार्ड बने हैं और ईकेवाईसी हो गई है वह सभी इस योजना में भी कार्य करने के पात्र हैं। नये जॉब कार्ड के लिए इच्छुक व्यक्ति के लिए किसी आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, योजना के तहत 18 दिन में भुगतान का प्राविधान किया गया है।



