आईजीआरएस में लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
डीएम ने वेतन बाधित करने से लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि तक की दी चेतावनी

अलीगढ़ 11 अगस्त 2026 (सू00) जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिले की आईजीआरएस रैंक प्रभावित होने के कारणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिति में सुधार नहीं आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन बाधित करने से लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि तक की कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा में सामने आया कि जिले के प्रदर्शन पर फीडबैक में प्राप्त अंकों में कटौती, असंतुष्ट फीडबैक और शिकायतकर्ता से वार्ता नहीं किया जाना प्रमुख कारण रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसका निस्तारण 15 दिवस के भीतर हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए। कोई भी शिकायत डिफाल्टर श्रेणी में नहीं जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधीनस्थ अधिकारी अथवा कर्मचारी के माध्यम से प्राप्त आख्या को बिना परीक्षण किए अग्रसारित न किया जाए। संबंधित अधिकारी स्वयं आख्या का परीक्षण करें, आवश्यकतानुसार स्थलीय सत्यापन कराएं और शिकायत के वास्तविक समाधान के बाद ही निस्तारण आख्या पोर्टल पर अग्रसारित करें। शिकायतकर्ता की संतुष्टि को निस्तारण की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस से संबंधित सभी प्रकरण ऑनलाइन उपलब्ध रहते हैं। अधिकारी जब चाहें, अपने स्तर से प्रकरणों को निकालकर उनकी स्थिति एवं निस्तारण की गुणवत्ता देख सकते हैं। इसलिए किसी भी स्तर पर लंबित अथवा डिफाल्टर प्रकरण का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने कार्यालयों में नियमित रूप से जनसुनवाई करें, लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुनने और मौके पर ही अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।बैठक में यह भी बताया गया कि लाभार्थीपरक विभागों से संबंधित शिकायतों के साथ-साथ विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विशेष ध्यान देते हुए शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जिन मामलों में शिकायतकर्ता से मिलकर अथवा मौके पर जाकर समस्या का समाधान किया जाता है, उनमें शिकायतकर्ता से संवाद एवं निस्तारण की फोटो भी अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए। इससे निस्तारण की वास्तविकता एवं गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी।उन्होंने आईजीआरएस के प्रभावी अनुश्रवण के लिए गठित फीडबैक सेल को भी सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। फीडबैक के आधार पर असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनकी वास्तविक समस्या को समझते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आईजीआरएस केवल ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण का माध्यम नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के वास्तविक समाधान और शासन-प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहित जिले के समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



