अलीगढ़

शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार को डीएम की सख्ती, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन

अलीगढ़  जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलैक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई

अलीगढ़  जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलैक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने ब्लॉक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जवाबदेह बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी अपने-अपने ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने की है और उन्हें हर हाल में इस जिम्मेदारी का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करना होगा।  बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारी गंगीरी, लोधा, जवां एवं बिजौली द्वारा विभागीय कार्यों के संचालन एवं उनके क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रस्तुतिकरण की गुणवत्ता की समीक्षा के दौरान गंगीरी एवं बिजौली के खण्ड शिक्षा अधिकारियों का प्रदर्शन असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कार्यशैली में सुधार होने तक उनका वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। वहीं, लोधा एवं जवां के खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए बेहतर प्रस्तुतिकरण की जिलाधिकारी ने मुक्त कंठ से सराहना की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाचार्य के कार्यों का गुणवत्तापूर्ण असेसमेंट किया जाए और अगले माह की समीक्षा बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की जानकारी भी प्रस्तुत की जाए, ताकि बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाने की व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि प्रत्येक समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का अगली बैठक में बिंदुवार अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही, सभी बैठकों का कार्यवृत्त बीएसए के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे निर्देशों के अनुपालन की प्रभावी मॉनीटरिंग हो सके।  बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा स्कूल एवं स्टूडेंट असेसमेंट, सक्षम एवं मध्यम स्तर के विद्यार्थियों, प्रगतिशील विद्यार्थियों और एआरपी के माध्यम से किए जा रहे निरीक्षण आदि के संबंध में पीपीटी के माध्यम से डिजिटल प्रस्तुतिकरण किया गया। बीएसए ने बताया कि जिले में 2,19,057 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है, जो विगत वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है। जिलाधिकारी ने नामांकन में हुई वृद्धि को सकारात्मक बताते हुए विद्यालयों में विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता एवं सीखने के स्तर में भी निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जर्जर विद्यालय भवनों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में एक बोली प्राप्त होने के उपरांत ग्राम सभा को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र में स्थित विद्यालयों की जांच कर यह आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए कि किसी जर्जर विद्यालय भवन के ऊपर से विद्युत लाइन तो नहीं गुजर रही है। जिलाधिकारी ने ईआरपी निरीक्षण व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान निर्धारित बिंदुओं पर ही स्पष्ट एवं तथ्यपरक फीडबैक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण और समीक्षा की पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यालयों की वास्तविक स्थिति समने लाकर शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना होना चाहिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार, डीआईओएस डा0 पूरन सिंह, बीएसए आलोक आर्य, सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

JNS News 24

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