बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच राजकुमार के परिवार का सहारा बनी हैंड्स फॉर हैल्प
क्टर की फीस से लेकर आवश्यक दवाइयों तक की व्यवस्था संस्था ने अपने स्तर से कराई,

अलीगढ़। बीमारी के सामने जब आर्थिक मजबूरी दीवार बन जाए, तो किसी जरूरतमंद परिवार के लिए इलाज कराना बेहद कठिन हो जाता है। लगभग 44 वर्षीय राजकुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही था। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे राजकुमार परिवार के मुखिया हैं, लेकिन स्वयं बीमार होने के कारण काम करने में असमर्थ थे। घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके लिए डॉक्टर की फीस तक जुटाना और जरूरी दवाइयां खरीदना संभव नहीं था।
ऐसे कठिन समय में जब परिवार इलाज की चिंता में परेशान था, यह मामला हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था के संज्ञान में आया। संस्था की टीम ने परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति को समझा। परिवार की परेशानी और राजकुमार की बीमारी को देखते हुए संस्था ने उनके उपचार में सहयोग करने का निर्णय लिया। संस्था की ओर से राजकुमार को डॉक्टर के पास ले जाकर उनका चिकित्सकीय परामर्श कराया गया। डॉक्टर की फीस से लेकर आवश्यक दवाइयों तक की व्यवस्था संस्था ने अपने स्तर से कराई, ताकि आर्थिक मजबूरी उनके इलाज के रास्ते में बाधा न बने। इलाज की व्यवस्था होने के बाद राजकुमार और उनके परिवार के चेहरे पर राहत दिखाई दी। भावुक होकर राजकुमार ने संस्था के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में मिली यह मदद उनके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मानवीय कार्य में संस्था की ओर से डॉ. डी.के. वर्मा, नीरज रानी, संस्था अध्यक्ष सुनील कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संस्था के सदस्यों ने कहा कि समाज में ऐसे अनेक परिवार हैं जो आर्थिक अभाव के कारण बीमारी का इलाज नहीं करा पाते। हैंड्स फॉर हेल्प का प्रयास है कि जरूरत के समय किसी असहाय व्यक्ति को अकेला महसूस न होने दिया जाए और मानवीय संवेदनाओं के साथ यथासंभव उसका साथ दिया जाए। राजकुमार के परिवार के लिए यह मदद केवल दवाइयों और इलाज तक सीमित नहीं थी, बल्कि मुश्किल घड़ी में यह भरोसा भी थी कि समाज में आज भी ऐसे लोग और संस्थाएं मौजूद हैं जो जरूरतमंद के साथ खड़े होने का प्रयास करती हैं।



