जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए
गांधी-शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा को बनाएं जीवन का संकल्प &डीएम

अलीगढ़: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का व्यक्तित्व और कृतित्व इतना विराट है कि उसे किसी एक दर्शन अथवा विचारधारा में सीमित नहीं किया जा सकता। दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन और विचारों से देश को आज़ाद ही नहीं कराया बल्कि नई दिशा भी दी।जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई शक्ति दी। उनका जीवन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक है। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवानजय किसान’ का संदेश देकर देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने आचरण में उतारते हुए जनसेवा, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार ने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन संघर्ष, सादगी, कर्तव्य और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने गांधी जी की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जी का सम्पूर्ण जीवन ही एक संदेश है। एडीएम न्यायिक अनिल कुमार ने कविता पाठ के माध्यम से दोनों विभूतियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।नगर मजिस्ट्रेट डॉ. अतुल गुप्ता ने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से कहा कि जीवन में साधन और साध्य, दोनों की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है एएसडीएम कोल ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने जिम्मेदारी और कर्तव्य से कभी पीछे न हटने की प्रेरणा दी।एसीएम प्रथम ने कहा कि गांधी जी के दर्शन को शब्दों में सीमित नहीं किया जा सकता। उनका सम्पूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा एसीएम द्वितीय ने अंत्योदय की भावना के अनुरूप जरूरतमंदों की सेवा और सहायता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, कलेक्ट्रेट के पटल सहायक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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