जिलाधिकारी ने चिकित्सालय परिसरों एवं वार्डों की सुरक्षा के लिए दिए प्रभावी निर्देश
अस्पतालों में मरीजों की सुविधा सर्वोपरि, सुरक्षा व्यवस्था भी होगी और मजबूत

अलीगढ़ : जिले के राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की पहल की है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित सभी प्रमुख राजकीय चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि चिकित्सालय परिसर, वार्डों एवं प्रवेश-निकास स्थलों पर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मरीजों एवं तीमारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।जिलाधिकारी ने कैम्प कार्यालय पर आहूत बैठक में कहा कि अस्पताल मरीजों के लिए उपचार और राहत का स्थान है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो मरीजों की सुविधा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करे। रात के समय वार्डों एवं चिकित्सालय परिसरों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण, नियमित सुरक्षा गश्त और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रमुख चिकित्सालयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक कमियों को तत्काल दूर कराया जाए। सीएमएस जिला मलखान सिंह चिकित्सालय डॉ. जगवीर सिंह, सीएमएस पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय डॉ. एम.के. माथुर और जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. तैयब खान को भी अपने-अपने चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सालयों में सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता, प्रवेश-निकास की निगरानी, रात्रिकालीन गश्त और सीसीटीवी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी वार्ड अथवा प्रवेश द्वार को इस प्रकार बंद न किया जाए जिससे आपात स्थिति में मरीजों, चिकित्सकों, स्टाफ या तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़े।उन्होंने कहा कि सुरक्षा और मरीजों की सुविधा दोनों प्रशासन की प्राथमिकता हैं। चिकित्सालयों में आने वाले प्रत्येक मरीज को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। जिला अधिकारी की इस पहल से राजकीय चिकित्सालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ मरीजों एवं तीमारदारों के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित होगा।



