अलीगढ़

श्रमिक परिवारों की खुशहाली को सरकार का सुरक्षा कवच

कन्या विवाह से बच्चों की पढ़ाई तक, विभिन्न योजनाओं का मिल रहा लाभ

अलीगढ़  :  उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम विभाग ने पात्र निर्माण श्रमिकों से पंजीकरण एवं नवीनीकरण कराकर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।मुख़्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया है, बोर्ड में पंजीकरण करा सकते हैं। आधार कार्ड, बैंक पासबुक एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ UPBOCW.IN वेबसाइट अथवा नजदीकी जनसेवा केंद्र से पंजीकरण कराया जा सकता हैउन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को कन्या विवाह सहायता योजना के तहत रुपया 65 हजार, अंतर्जातीय विवाह पर रुपया 75 हजार एवं निर्धारित सामूहिक विवाह में रुपया 85 हजार तक सहायता मिलती है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत प्रसव एवं बच्चों के जन्म पर भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।उप श्रम आयुक्त मोहम्मद नदीम बताते हैं कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत कक्षा 1 से स्नातकोत्तर स्तर तक रुपया 2 हजार से रुपया 24 हजार तक सहायता दी जाती है। वहीं अटल आवासीय विद्यालय योजना में 6 से 14 वर्ष के पात्र बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है। 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके और न्यूनतम 10 वर्ष से पंजीकृत पात्र श्रमिकों को महात्मा गांधी पेंशन योजना के तहत रुपया 1,000 प्रतिमाह पेंशन भी दी जाती है। गंभीर बीमारी की स्थिति में पात्र श्रमिकों को निर्धारित शर्तों के तहत उपचार व्यय की पूर्ण प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में संबल बनी कन्या विवाह सहायता योजनाविभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उपश्रम आयुक्त बताते हैं कि वर्ष 2017 से 2026 तक जिले में 1,54,579 निर्माण श्रमिकों का ऑनलाइन पंजीयन कराया गया और विभिन्न योजनाओं के तहत 9,264 श्रमिकों को लगभग 33.40 करोड़ रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया। श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग के लिए संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के तहत अब तक 3,697 श्रमिक परिवारों को लाभान्वित किया गया है। वहीं मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना में 2,951और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन/मेधावी योजना में 2,053 श्रमिक परिवारों के बच्चों को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में 7,748 श्रमिक परिवारों को आच्छादित किया गया है, जबकि ई-श्रम के तहत 14,62,074 श्रमिकों का पंजीयन कराया जा चुका है। 12 अप्रैल को सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 107 लाभार्थियों को 90.95 लाख रुपये का लाभ प्रदान किया गया। उपायुक्त श्रम ने निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों से अपील की है कि वे समय से अपना पंजीकरण कराकर बोर्ड की योजनाओं का लाभ लें और अपने परिवार को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करें।

JNS News 24

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