
अलीगढ़ जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी अविनाश कुमार की सतत निगरानी और प्रशासनिक सक्रियता का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। आईजीआरएस रैंकिंग में पिछड़ रहे अलीगढ़ जिले ने मई में उल्लेखनीय सुधार करते हुए प्रदेश में 32वीं रैंक प्राप्त की है। इससे पूर्व मार्च माह में जनपद की रैंक 53वीं तथा अप्रैल माह में 63 वीं थी। प्रदेश स्तर से जारी तहसीलवार रैंक में तहसील खैर 24 रैंक पाकर सबसे ऊपर के पायदान पर है वहीं गभाना 30 रैंक लेकर जिले में दूसरी, कोल 34 रैंक लेकर तीसरे, इगलास 50वीं रैंक लेकर चौथे एवं 69 वीं रैंक लाकर जिले में पॉचवें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को और अधिक मेहनत से कार्य करने के निर्देश दिए।आईजीआरएस रैंकिंग में लगातार गिरावट को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी उन्होंने नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित कर सभी विभागों की जवाबदेही तय की तथा मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन सौरभ भट्ट को सघन पर्यवेक्षण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलों, नगर निगम और सभी जिला स्तरीय कार्यालयों में फीडबैक सेल स्थापित किए गए, जहां निस्तारित शिकायतों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया गया। इससे शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।विशेष बात यह रही कि जिलाधिकारी स्वयं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की निस्तारण आख्या का परीक्षण करते हैं।यदि किसी शिकायत की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई जाती, तो संबंधित लेखपाल, ग्राम सचिव, खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, उप जिलाधिकारी अथवा जिला स्तरीय अधिकारी को अगले ही दिन कार्यालय में बुलाकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में मामले की समीक्षा करते हैं और उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराते हैं।जिलाधिकारी की इसी कार्यशैली, नियमित मॉनिटरिंग और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण का परिणाम है कि आईजआरएस रैंकिंग में अलीगढ़ ने एक माह में 31 स्थानों की उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए प्रदेश में 32वां स्थान प्राप्त किया है। प्रशासन को विश्वास है कि आगामी महीनों में भी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के माध्यम से जनपद की रैंकिंग में और सुधार होगा तथा आमजन को त्वरित एवं प्रभावी न्याय मिल सकेगा।



