अलीगढ़

धान खरीद नीति में संशोधन से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, फसल चयन से लेकर सत्यापन तक की प्रक्रिया हुई आसान

अलीगढ़ मंडल में धान के 70, बाजरा के 55, मक्का के 22 और ज्वार के 02 क्रय केंद्र संचालित

अलीगढ़ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और धान सहित अन्य मोटे अनाजों की खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा धान क्रय नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। सरकार द्वारा 10 अक्टूबर 2026 को किए गए संशोधनों से किसानों को फसल पंजीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रिया में बड़ी राहत मिलेगी।आरएफसी एवं सीडीओ योगेंद्र कुमार ने बताया कि नए प्रावधानों के अनुसार यदि किसी किसान की फार्मर आईडी में क्रॉप सर्वे का डाटा पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं है, तो ऐसी स्थिति में किसान को स्वयं खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपनी फसल धान, मक्का, ज्वार, बाजरा का चयन करने की सुविधा दी गई है। किसान द्वारा चयनित फसल यदि क्रॉप सर्वे के उपलब्ध डाटा के अनुरूप पाई जाती है, तो उसे स्वतः सत्यापित मान लिया जाएगा। वहीं, यदि चयनित फसल और क्रॉप सर्वे के डाटा में भिन्नता पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से त्वरित सत्यापन किया जाएगा। इससे तकनीकी अथवा डाटा संबंधी कमियों के कारण किसी भी पात्र किसान को अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने में अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि किसानों की सुविधा एवं उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए अलीगढ़ मंडल में विभिन्न कृषि उपजों के कुल 149 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें धान के 70, बाजरा के 55, मक्का के 22 और ज्वार के 02 क्रय केंद्र शामिल हैं।भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार सामान्य धान का मूल्य 2441 रुपये प्रति कुंतल, ग्रेड-ए धान का 2461 रुपये प्रति कुंतल, बाजरा का 2900 रुपये प्रति कुंतल, मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल, ज्वार हाइब्रिड का 4023 रुपये प्रति कुंतल और ज्वार मालदांडी का 4073 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों की उपज की खरीद निर्धारित समर्थन मूल्य पर की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी फसल का उचित एवं लाभकारी मूल्य मिल सके।आरएफसी ने मंडल के समस्त अन्नदाता किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए बिचौलियों के बजाय सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेचें। इसके लिए खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://fcs.up.gov.in पर अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं और सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ उठाएं।उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों पर उपज की बिक्री, पंजीकरण अथवा सत्यापन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के त्वरित समाधान के लिए मंडल स्तर पर सम्भागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान अपनी समस्या के समाधान एवं आवश्यक जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0571-3500235 पर संपर्क कर सकते हैं। किसानों से अपील है कि वे सरकारी खरीद व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ उठाएं और अपनी उपज सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचकर बिचौलियों से बचें।

JNS News 24

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