जर्जर विद्यालय भवनों का तेजी से हो रहा पुनर्निर्माण, बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता
83 विद्यालयों के नवीन भवन निर्माण को मिली स्वीकृति, 798 जर्जर भवन ध्वस्त

अलीगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जर्जर विद्यालय भवनों के चिन्हीकरण से लेकर उनके सुरक्षित ध्वस्तीकरण और नए भवनों के निर्माण तक की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिले में चिन्हित 900 जर्जर विद्यालय भवनों के सापेक्ष 798 भवनों का ध्वस्तीकरण कराया जा चुका है, जबकि 232 नवीन विद्यालय भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। धनराशि आवंटन के सापेक्ष अन्य विद्यालयों में भी नवीन भवन निर्माण का कार्य निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 83 विद्यालयों के नवीन पुनर्निर्माण का कार्य कराया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी क्रम में विकासखंड लोधा के प्राथमिक विद्यालय तालसपुर कलां के जर्जर भवन को तकनीकी समिति द्वारा अत्यंत जर्जर एवं निष्प्रयोज्य घोषित किए जाने के बाद बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार नीलामी कराकर ध्वस्त कराया गया है। वर्तमान में विद्यालय की कक्षाओं का संचालन पंचायत भवन में उपलब्ध दो कक्षों एवं बरामदे और परिसर में उपलब्ध एक कक्ष के माध्यम से अस्थायी रूप से किया जा रहा है। बरसात के दौरान बच्चों की सुरक्षा और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक समायोजन किया जाता है।
बीएसए ने बताया कि विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव समग्र शिक्षा की वार्षिक बजट एवं कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जिसके सापेक्ष भौतिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। धनराशि प्राप्त होते ही विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से नवीन भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए नगर निगम निधि से आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके लिए नगर निगम के अभियंताओं द्वारा स्थल का निरीक्षण कर माप एवं ड्राइंग-डिजाइन सहित आगणन की कार्रवाई की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को भी शिफ्ट कराने की कार्रवाई की गई है। जिले के 112 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को शिफ्ट कराया जा चुका है। तालसपुर कलां में मुख्य भवन के ध्वस्तीकरण के बाद पंचायत भवन की दीवार पर अस्थायी रूप से विद्युत संयोजन किया गया था। हाल में हुई बारिश के दौरान पंचायत भवन की दीवार पर करंट प्रवाहित होने की स्थिति सामने आने पर सुरक्षा की दृष्टि से उक्त अस्थायी संयोजन तत्काल बंद कराया गया और विद्युत संयोजन को विद्यालय के सुरक्षित कक्ष में पुनः संयोजित कराने की कार्रवाई की जा रही है।
बीएसए ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जिले में 98.5 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगभग 9.50 करोड़ रुपये और बेसिक शिक्षा विभाग की कम्पोजिट ग्रांट से लगभग 7 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही नगर निगम द्वारा 2.50 करोड़ की लागत से ऐलमपुर में नवीन विद्यालय और लगभग 04 करोड़ की लागत से और विभिन्न नगरीय निकायों द्वारा 07 करोड़ की लागत से 19 पैरामीटर पर विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास कराया गया है। उन्होंने बताया कि कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में कक्षा-कक्षों, शौचालय एवं मूत्रालयों में टाइलिंग, पेयजल एवं जलापूर्ति, बाउंड्रीवाल, दिव्यांगजन के लिए शौचालय, आवश्यकता के अनुसार फर्नीचर, पंखे, प्रकाश व्यवस्था एवं विद्युत संयोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य प्रत्येक परिषदीय विद्यालय को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बच्चों के अनुकूल शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार कहते हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग की इन पहलों से जहां जर्जर भवनों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को दूर किया जा रहा है, वहीं नए भवनों और कायाकल्प कार्यों के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।



