अलीगढ़

जल्द पंचनगरी के लोगों को मिलेंगी डेयरियों से निजात-

नगर आयुक्त ने गंदगी व डेयरी मुक्त पंचनगरी पोखर के लिए मुहिम को किया तेज़

नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती का किया अनुरोधशहर की स्वच्छता, जनस्वास्थ्य एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम अलीगढ़ द्वारा पंचनगरी क्षेत्र में संचालित अवैध डेयरियों को शहर सीमा से बाहर निर्धारित कैटल कॉलोनी गुरूसिकरन परिक्षेत्र सी०डी०एफ० (सेंट्रल डेयरी फार्म) अलीगढ़ में स्थानांतरित किए जाने की कार्रवाई अब तेज़ हो गयी है नगर निगम के लगभग 4 बार नोटिस देने के बावजूद डेयरियों के शिफ़्ट न करने पर नियमानुसार नगर निगम जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से 4 जून से प्रवर्तन कार्रवाई करने जा रहा है। नगर आयुक्त के निर्देश पर इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 4 जून 2026 से वार्ड संख्या-43 पंचनगरी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाएगा।नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा डेयरी संचालकों को पूर्व में 4 बार नोटिस जारी कर डेयरियों को निर्धारित स्थल गुरूसिकरन परिक्षेत्र सी०डी०एफ० अलीगढ़ में स्थानांतरित करने हेतु पर्याप्त समय दिया गया था। पंचनगरी क्षेत्र के डेयरी संचालकों को दिनांक 24.12.2025, 07.02.2026, 22.04.2026 एवं 16.05.2026 को नोटिस जारी किए गए किंतु निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बावजूद डेयरियों को स्थानांतरित नहीं किया गया।नगर आयुक्त ने बताया कि शासनादेशों एवं मा उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में नगर निगम को शहर के मध्य से मवेशियों एवं डेयरियों को हटाने का अधिकार प्राप्त है। उत्तर प्रदेश नगरीय स्थानीय निकाय (अपदूषण कारक पशुओं के विनियमन एवं नियंत्रण) नियमावली-2004 के बिंदु-5 में स्पष्ट प्रावधान है कि नगर आयुक्त अपदूषण कारक पशुओं को हटाने अथवा हटवाने के आदेश दे सकता है तथा आवश्यक होने पर संबंधित पशु स्वामियों के व्यय पर भी कार्रवाई की जा सकती है।।नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत संचालित डेयरियों के कारण शहर में स्वच्छता जनस्वास्थ्य एवं यातायात संबंधी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। डेयरियों से निकलने वाला गोबर एवं अपशिष्ट नालियों एवं सीवर लाइनों को बाधित कर जलभराव की स्थिति उत्पन्न करता है। इसके अतिरिक्त दुर्गंध, मच्छरों की वृद्धि, सड़कों पर पशुओं की आवाजाही तथा दुर्घटनाओं की आशंका के कारण आमजन को निरंतर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।शासन का आदेश
प्रमुख सचिव महोदय, उ0प्र0 शासन के पत्र 395/आठ-1-20 -24स्टि / 2018 आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-1 लखनऊ दिनांक 20 फरवरी, 2020 2020 के जनहित याचिका संख्या-8024 (एम०बी०) (पीआईएल) / 2018 लोकेश कुमार खुराना बनाम उ०प्र० राज्य व अन्य में मा० उच्च न्यायालय आदेश के विषयक पत्र में बिन्दु 5 (1) में वर्णित है कि मवेशियों को शहर के मध्य से हटाना नगर निगम के अधिकार क्षेत्र के अन्तर्गत है।नगर आयुक्त में निहित है अधिकारनगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 440 के वर्णित प्रावधानों के अन्तर्गत महानगर सीमान्तर्गत दुग्धशाला का व्यापार या कारोबार न करेगा। नगर निगम अलीगढ़ की मा० कार्यकारिणी बैठक वर्ष 2023-24 में प्रस्ताव सं0-7 के के अनुसार ऐसे पशुपालक जिनके पास दो या दो से कम पशु है और अपनी भूमि पर उनका पालन पोषण कर रहा है उसको डेयरी की श्रेणी में न रखा जायें। इसके अनुसार दो से अधिक पशुओं का पालन पोषण अवैध डेयरी की श्रेणी में आता है। उत्तर प्रदेश नगरीय स्थानीय निकाय (अपदूषण, कारक पशुओं के विनियमन और नियंत्रण) नियमावली 2004, के बिन्दु 5 में उल्लिखित है कि नगर आयुक्त अपदूषण पशुओं को हटाने या हटवाने का आदेश दे सकता है या ऐसे पशुओं के स्वामियों, अभिकर्ताओं या सेवकों के व्यय पर उसके द्वारा दी गई अवधि में ऐसा कदम उठा सकता है।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि अलीगढ़ में लगभग 687 के क़रीब डेयरियां संचालित है जिनके कारण बच्चो को बड़ी दिक्कत होती है, सड़के टूटती है, गौबर बहने के कारण नालियां चौक व गंदगी होने के साथ साथ अप्रिय दुर्घटना भी होती है। बीते कई सालों से लगातार नगर निगम द्वारा इन डेयरी संचालकों से अनुरोध किया जाता रहा है परंतु अभी तक इन डेयरी संचालकों ने कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इसलिए नगरीय क्षेत्र में साफ सफाई व जनमानस के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए नगर निगम ने इस दिशा में डेयरियों को शिफ़्ट करने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।नगर आयुक्त ने बताया कि जिलाधिकारी को पत्र लिखने के साथ साथ मजिस्ट्रेट, पुलिस व नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से सभी डेयरी संचालकों की बैठक संबंधित थाने पर आयोजित कर ली गयी है और सभी को ससमय दिशा निर्देश दिए गए है कि 4 जून तक स्वयं डेयरी हटा लें अन्यथा नगर निगम पुलिस और प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए डेयरी संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगेउन्होंने बताया कि पंचनगरी क्षेत्र में अत्यधिक संख्या में डेयरियों के संचालन के कारण साफ सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डेयरियों से निकलने वाले गोबर एवं अपशिष्ट के कारण पंचनगरी पोखर पूर्ण रूप से भर चुका है, जिससे आसपास के घरों एवं गलियों में गंदगी फैल रही है। नगर निगम द्वारा निरंतर पोकलेन मशीन लगाकर गोबर हटाने एवं जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है, फिर भी समस्या का स्थायी समाधान डेयरियों के स्थानांतरण के माध्यम से ही संभव है।पंचनगरी से डेयरियों को शिफ्ट करने के सम्बंध में नगर आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी अलीगढ़ व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र प्रेषित कर अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु मजिस्ट्रेट की तैनाती एवं पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया गया है।नगर आयुक्त ने कहा कि अब नगर निगम जिला प्रशासन व पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाकर पंचनगरी की डेयरियों को हटाने एवं निर्धारित कैटल कॉलोनी में स्थानांतरित करने की कार्रवाई करेगा। नगर निगम शहर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनहित एवं जनस्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा। उन्होंने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे स्वेच्छा से अपनी डेयरियों को निर्धारित कैटल कॉलोनी में स्थानांतरित कर नगर निगम का सहयोग करें।जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन पूर्ण रूप से प्रयासरत है अलीगढ़ को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए शहर की स्वच्छता को बनाये रखने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है, नगर निगम का सहयोग करें व डेयरी संचालक स्वयं डेयरियो को शहर से बाहर शिफ़्ट करने के लिए एक कदम बढ़ाए।

JNS News 24

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