आईएएस-पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र में कोचिंग के लिए विषय विशेषज्ञ करें आवेदन
नेट या जेआरएफ भी उत्तीर्ण किया हो, को वरीयता प्रदान की जायेगी

अलीगढ़ जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत कुमार मलिक ने सर्व साधारण को सूचित किया है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा डॉ भीमराव अम्बेडकर आईएएस/पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र मुकुन्दपुर में परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग सत्रों में सम्बन्धित परीक्षाओं के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार सामान्य अध्ययन के विभिन्न विषयों-भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था एवं गवर्नेस, इतिहास, भारतीय समाज, अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और आपदा प्रबन्धन, आन्तरिक सुरक्षा, एथिक्स (नीति शास्त्र), उत्तर प्रदेश विशेष (यूपीपीसीएस पेपर 05 और 06) एवं सी०सैट (सामान्य गणित, संचार कौशल निर्णयन एवं समस्या समाधान, हिन्दी, अंग्रेजी, रीजनिंग), व समसामयिकी के व्याख्यान के लिए योग्य व अनुभवी अतिथि प्रवक्ताओं की आवश्यकता हैउन्होंने अतिथि प्रवक्ताओं के चयन के लिए अर्हता एवं शर्तों की वरीयता के क्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थानों से ऐसे अनुभवी व्याख्याता जिन्हें न्यूनतम 03 वर्ष का अनुभव हो एवं जिन्होंने संबंधित विषय में परस्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की हो व जिन्होंने नेट या जेआरएफ भी उत्तीर्ण किया हो, को वरीयता प्रदान की जायेगी। विश्वविद्यालय, शासकीय अथवा अनुदानित डिग्री कॉलेज में सक्षम आयोग द्वारा विधिवत् रूप से सहायक प्राध्यापक या अधिक स्तर पर सीधे चयन (कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त) एवं नेट, जेआरएफ उत्तीर्ण राज्य केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में पीएचडी करने वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि उपरोक्त अर्हता के व्याख्याताओं की अनुपलब्धता की दशा में ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने विगत 05 वर्षों में संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा या उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा न्यूनतम 02 बार उत्तीर्ण की हो को भी अतिथि प्रवक्ता के रूप में इम्पैनल किया जा सकेगा।उन्होंने इच्छुक पात्र आवेदनकर्ताओं से अपेक्षा की है कि वह कार्यालय डॉ0 भीमराव अम्बेडकर आईएएसपीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र मुकुन्दपुर में 05 नवंबर सांय 05 बजे तक किसी कार्य दिवस में समस्त संलग्नकों सहित आवेदन जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अतिथि प्रवक्ताओं को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय 2000 रूपये प्रति व्याख्यान एवं कार्मिक विभाग के शासनादेश में दी गयी व्यवस्था के अनुसार एवं शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानदेय के अनुसार देय होगा।



