अलीगढ़

मन-वचन में कुटिलता न होना ही उत्तम आर्जव धर्म : मुनि शिवदत्त सागर

श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन ट्रस्ट मंदिर जी में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण रहा। उपाध्याय मुनि श्री 108 शिवदत्त सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पद्मदत्त सागर जी महाराज के सान्निध्य तथा प्रतिष्ठाचार्य राकेश भैय्या के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की

मन-वचन में कुटिलता न होना ही उत्तम आर्जव धर्म : मुनि शिवदत्त सागर
दशलक्षण महापर्व के तृतीय दिवस शनिवार को खिरनी गेट स्थित श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन ट्रस्ट मंदिर जी में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण रहा। उपाध्याय मुनि श्री 108 शिवदत्त सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पद्मदत्त सागर जी महाराज के सान्निध्य तथा प्रतिष्ठाचार्य राकेश भैय्या के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की। प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन हुआ।


धर्मसभा को संबोधित करते हुए उपाध्याय मुनि श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ने कहा कि मन, वचन और काया की सरलता तथा कुटिलता का अभाव ही उत्तम आर्जव धर्म है। मन में जो विचार हों, वही वचन में और वही आचरण में दिखाई दें, यही वास्तविक सरलता है। छल-कपट से जीवन जीने वाले व्यक्ति को हमेशा दुखों का सामना करना पड़ता है, इसलिए मनुष्य को अपने स्वभाव में अधिक से अधिक सरलता लाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार डोरी के दोनों सिरों को पकड़कर खींचने से उसकी कुटिलता समाप्त होकर वह सीधी हो जाती है, उसी प्रकार मन से कपट और छल को दूर करने पर मन सरल बनता है। मन की सरलता का नाम ही आर्जव है। जो व्यक्ति अपने अपराधों को छिपाता नहीं, बल्कि उनकी निंदा कर प्रायश्चित के माध्यम से आत्मशुद्धि करता है, वही उत्तम आर्जव धर्म की सच्ची आराधना करता है। मोह-माया और बुरे कर्मों का त्याग कर सरल एवं निष्कपट जीवन अपनाने से आत्मिक शांति के साथ मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
आगरा रोड पर राहगीरों के लिए चल रहे भोजन थाली वितरण कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं ने सेवा एवं पुण्यार्जन किया। भोजन थाली वितरण के पुण्यार्जक शिवानी जैन, नीरज जैन, शरद जैन एवं अनिल जैन श्रीजी परिवार रहे।
दोपहर में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन खंडेलवाल मंदिर पंचायत में मथुरा से पधारे पंडित अंकित जैन शास्त्री के निर्देशन में नवग्रह विधान का आयोजन किया गया। विधान का सौभाग्य सुरजीत जैन एवं पूनम जैन पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ।
धार्मिक हाऊजी में उमड़ा उत्साह
सायंकालीन आरती, स्वाध्याय एवं प्रवचन के पश्चात गंगेरवाल जैन सभा एवं महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में भजनों पर आधारित धार्मिक हाऊजी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विजय कुमार जैन एवं नरेंद्र कुमार जैन एवं समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से आचार्य श्री विद्यासागर मुनिराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
भजनों पर आधारित धार्मिक हाऊजी में समाज के पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के प्रायोजक कुसम जैन, नवनीत जैन, कल्पना जैन परिवार तथा घनश्यामदास जैन, सनी जैन एवं सोनल जैन परिवार की ओर से विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मोना जैन एवं अंजलि जैन ने किया।
इस अवसर पर मंत्री नीरज जैन, उपाध्यक्ष हेमंत जैन पंकज जैन, कोषाध्यक्ष हरिकांत जैन, उपमंत्री मयंक जैन, पवन जैन, विनय जैन, प्रशांत जैन, प्रमेन्द्र जैन, यतीश जैन, दीपक जैन, सुनील जैन, कुणाल जैन, दिलीप जैन,दीपेंद्र जैन अध्यक्ष अर्चना जैन मंत्री ऋतु जैन, कोषाध्यक्ष रितु जैन,मधु जैन नीता जैन, सहित समाज के महिला-पुरुष एवं बच्चे मौजूद रहे।

JNS News 24

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