सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर, दुर्घटनाओं में कमी के लिए प्रभावी कदम तेज
सुरक्षित यातायात के लिए जिले में चलेगा प्रवर्तन के साथ जागरूकता का अभियान -डीएम

अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुरक्षित बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जहां नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, वहीं लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाए। हमारा प्रयास है कि जिले की सड़कों पर आवागमन सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित हो और प्रत्येक नागरिक सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे।बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आईआरसी मानकों के अनुरूप स्पीड टेबल टॉप निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार ने बताया कि प्रांतीय खंड द्वारा 60 और निर्माण खंड द्वारा 28 स्थानों का चिन्हीकरण कर आगणन मुख्यालय को प्रेषित किए जा चुके हैं। नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र में विद्यालयों के आसपास सांकेतिक बोर्ड लगाए गए हैं। टीकाराम इंटर कॉलेज एवं एसएमबी इंटर कॉलेज के पास स्पीड टेबल टॉप निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक 290 स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई और 182 वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया। 13 ओवरलोड स्कूली वाहनों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत फिटनेस समाप्त हो चुके 68 वाहनों के चालान और 22 वाहनों को निरुद्ध करने की कार्रवाई की गई, जो निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि 532 ओवरलोड मालवाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई करते हुए 327 वाहनों को विभिन्न स्थानों पर निरुद्ध किया गया, जिसके फलस्वरूप 137.67 लाख रुपये शमन शुल्क जमा हुआ। इसके अलावा 73 ट्रैक्टर-ट्रॉली के विरुद्ध चालान और 38 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बंद करने की कार्रवाई की गई।गभाना-अकराबाद मार्ग के निरीक्षण के दौरान दिए गए पांच सुझावों में से तीन पर कार्य पूर्ण हो चुका है एवं शेष दो कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाने की जानकारी एनएचएआई द्वारा दी गई। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर अवैध कट बंद कराने के लिए एनएचएआई को संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रामघाट रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर 153 व्यावसायिक भवनों के विरुद्ध वाद दायर होने की जानकारी बैठक में दी गई। 13 प्रतिष्ठानों के बेसमेंट को खाली कराकर पार्किंग के रूप में उपयोग कराया जा रहा है, जबकि निरीक्षण के दौरान 13 चिकित्सालयों में पार्किंग की व्यवस्था कराई जा रही है। 17 चिकित्सालय संचालकों को उचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीए को आईएमए के साथ बैठक कर स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्कूलों के सामने सड़क के दोनों ओर आवश्यकतानुसार स्पीड टेबल टॉप बनाने के साथ ही यातायात पुलिस कार्यालय एवं मुख्य डाकघर के सामने वाली सड़क पर सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक गतिविधियां सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।जिला विद्यालय निरीक्षक पूरन सिंह ने बताया कि 89 नोडल अधिकारियों द्वारा माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया गया है और 861 विद्यालयों से विद्यार्थी सुरक्षा संबंधी सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। सूचना उपलब्ध न कराने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को ले जाने वाले वाहनों के संबंध में 229 माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा एआरटीओ को सूचित करते हुए 816 नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं हेलमेट के विद्यालय आने वाले छात्रों के 1104 अभिभावकों को 884 विद्यालयों के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। उन्होंने कहा कि तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाना, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग न करना और क्षमता से अधिक सवारी बैठाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इनसे बचाव के लिए निरंतर जनजागरूकता जरूरी है।एआरटीओ ने बताया कि अगस्त माह में जिले में 138 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 44 लोगों की मृत्यु हुई। तुलनात्मक अध्ययन में गत वर्ष अगस्त की तुलना में इस वर्ष अगस्त माह में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामलों में 8.33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सर्वाधिक दुर्घटनाएं लापरवाही एवं तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुईं।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय रखते हुए निर्धारित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और सड़क दुर्घटनाओं में और कमी लाने के लिए प्रभावी प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए गए।बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर किंशुक श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक यातायात प्रवीण कुमार, सड़क सुरक्षा सलाहकार अरुण श्रीवास्तव, एआरएम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



