नगर निगम, अलीगढ़ की ओर से यह नोटिस आपके संज्ञान में अत्यंत गंभीर विषय लाने हेतु प्रेषित किया
सीएम योगी ने गूलर रोड की घटना पर मेयर और नगर आयुक्त को किया तलब है, पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यहीन है

नगर निगम, अलीगढ़ की ओर से यह नोटिस आपके संज्ञान में अत्यंत गंभीर विषय लाने
हेतु प्रेषित किया जा रहा है। विगत कुछ समय से आपके प्रतिष्ठित समाचार पत्र में नगर निगम से संबंधित
समाचारों का प्रकाशन बिना पर्याप्त तथ्यों, साक्ष्यों एवं आधिकारिक पुष्टि के निरंतर किया जा रहा है। इस
प्रकार का प्रकाशन न केवल पत्रकारिता की स्थापित मर्यादाओं एवं सिद्धांतों के विपरीत है, बल्कि इससे
नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है तथा आम जनमानस में भ्रम एवं अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो रही
है।के यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि आपके संवाददाताओं द्वारा समाचार प्रकाशित करने से
पूर्व नगर निगम के सक्षम अधिकारियों अथवा अधोहस्ताक्षरी से विभागीय पक्ष प्राप्त करने का आवश्यक
प्रयास नहीं किया जाता है। यह पत्रकारिता के उस मूल सिद्धांत के प्रतिकूल है, जिसमें किसी भी समाचार
प्रकाशन से पूर्व संबंधित पक्ष का मत लेना अनिवार्य माना गया है, जिससे निष्पक्षता एवं तथ्यात्मक
संतुलन बना रहे। विभिन्न विषयों पर अधिकारियों द्वारा दिए गये वर्जन के उलट वर्जन को मनमाफिक रूप
से तोड-मरोड़कर अनर्गल वर्जन खबरों के साथ प्रकाशित किए जाते है। विशेष रूप से दिनांक 20 अप्रैल
2026 को प्रकाशित समाचार, जिसका शीर्षक “सीएम योगी ने गूलर रोड की घटना पर मेयर और नगर
आयुक्त को किया तलब है, पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यहीन है। वास्तविकता यह है कि उक्त दिनांक को
माननीय महापौर एवं नगर आयुक्त द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से शिष्टाचार भेंट की
गई थी, जिसमें नगर के विकास कार्यों एवं आगामी योजनाओं के उद्घाटन हेतु अलीगढ़ आगमन का
अनुरोध किया गया था। तथ्यों के विपरीत इस प्रकार का समाचार प्रकाशित करना जनमानस को भ्रमित
करने वाला है तथा प्रशासनिक छवि को अनावश्यक रूप से क्षति पहुँचाता है।उपरोक्त के अतिरिक्तक आपके संवाददाता श्री अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा दिनांक 4 मार्च 2026 को प्रकाशित समाचार “निर्माण पूरा नहीं हुआ, तोड़ने की तैयारी” भी पूर्णतः तथ्यहीन पाया गया है।
उक्त समाचार में अधिशासी अभियन्ता, जल निगम के नाम से ऐसा कथन प्रकाशित किया गया, जो
वास्तविकता में दिया ही नहीं गया था। इस संबंध में उपलब्ध वॉयस रिकॉर्डिंग से यह प्रमाणित होता है कि
संबंधित अधिकारी द्वारा सीवर लाइन बिछाने हेतु सड़कों को तोड़े जाने संबंधी कोई वक्तव्य नहीं दिया गया।
अधिशासी अभियन्ता द्वारा इनको बताया गया कि किसी भी सड़क तोड़े बिना सीवर लाइन ट्रेचलेस विधि से
डाली जायेगी। इसके बावजूद अधिकारी के नाम से जानबूझकर तथ्यहीन व गलत वर्जन समाचार प्रकाशित
किया गया, जिससे नगर निगम तथा उत्तर प्रदेश सरकार की छवि प्रभावित हुई है। इस प्रकार की
कार्यप्रणाली न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि पत्रकारिता की निष्पक्षता, विश्वसनीयता एवं उत्तरदायित्व के
सिद्धांतों के भी प्रतिकूल है। पूर्व में भी इस संबंध में आपके संवाददाता को मौखिक रूप से अवगत कराया
जा चुका है, किन्तु उसके उपरांत भी अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, जो अत्यंत खेदजनक है। इसकेिरिक्त अन्य भी कई प्रकरणों में द्वेषभाव, पारदर्शी पत्रकारिता से विरत, गलतमंशा से नगर निगम की छतिको धूमिल करने की चेष्ठा की गयी है।अतः आपसे अपेक्षा की जाती है कि इस प्रकरण का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए संबंधितसंवाददाताओं को निर्देशित करें कि भविष्य में किसी भी समाचार के प्रकाशन से पूर्व तथ्यों की विधिवत पुष्टिकी जाए तथा नगर निगम का अधिकृत पक्ष अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाए। साथ ही, उपर्युक्त भ्रामक
समाचारों के संबंध में यथाशीघ्र स्पष्टीकरण अथवा खंडन प्रकाशित किया जाए, जिससे जनमानस में व्याप्त
सातियों का निराकरण हो सके। यदि इस संबंध में समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो नगर
निगम, अलीगढ़ विधिक कार्यवाही करने हेतु बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी आपके समाचार पत्र
होगी।



