अलीगढ़

जिस सेमल को देखा, उसी की छांव में हुआ किताब का विमोचन

पक्षियों से सेमल तक पहुँची मण्डलायुक्त संगीता सिंह की प्रकृति से जुड़ी लेखन यात्रा

-संगीता सिंह, आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल

अलीगढ़ : प्रकृति को करीब से देखने और महसूस करने का एक अनूठा अनुभव शुक्रवार को सामने आया, जब मण्डलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह की दूसरी पुस्तक फायर इन द सेमल ट्री (Fire in the Semal Tree) का विमोचन उसी सेमल के वृक्ष के नीचे किया गया, जिसके निरंतर अवलोकन से इस पुस्तक की कहानी जन्मी है। यह सेमल का पेड़ मण्डलायुक्त कैम्प परिसर में स्थित है। पुस्तक का विमोचन मण्डल के प्रशासनिक अधिकारियों, पर्यावरण प्रेमियों एवं प्रकृति से जुड़ाव रखने वाले गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में हुआ।पुस्तक केवल एक वृक्ष की कहानी नहीं है, बल्कि सेमल के माध्यम से जीवन, समय, ऋतु परिवर्तन, प्रकृति और मनुष्य के आत्मीय संबंधों को देखने का एक संवेदनशील प्रयास है। मण्डलायुक्त ने कई महीनों तक सेमल वृक्ष के बदलते रूप, उसके आसपास आने वाले पक्षियों-पशुओं और बदलती ऋतुओं का बारीकी से अवलोकन किया। इन्हीं सहज अनुभवों को सरल और संवेदनशील भाषा में पुस्तक का रूप दिया गया है।मण्डलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रकृति हमें ठहरकर देखने और महसूस करने का अवसर देती है। ऐसी पुस्तकें लोगों को अपने आसपास मौजूद प्रकृति के सूक्ष्म बदलावों को समझने और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पर्यावरणीय चेतना के साथ-साथ जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का भी एक प्रयास है। वह कहतीं हैं कि पुस्तक लिखने की कोई पूर्व निर्धारित योजना नहीं थी। सेमल के वृक्ष के साथ लंबे समय तक जुड़ाव और उसके आसपास घटित होने वाली प्राकृतिक गतिविधियों को देखते-देखते विचारों ने शब्दों का रूप ले लिया। पुस्तक में प्रकृति के माध्यम से जीवन के विविध आयामों को सहज और आत्मीय अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति पाठकों को प्रकृति को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करेगी। वक्ताओं ने कहा कि भागदौड़ भरी ज़िंदगी और प्रशासनिक दायित्वों की व्यस्तता के बीच प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और लेखन का यह प्रयास प्रेरणादायी है।पक्षियों से सेमल तकः प्रकृति से जुड़ी लेखन यात्रामण्डलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह की यह दूसरी पुस्तक है। उनकी पहली पुस्तक Walking with Wings and a Camera: Encounters with Birds of Aligarh हाल ही में प्रकाशित हुई थी। यह पुस्तक अलीगढ़ क्षेत्र के पक्षी जीवन, जैव-विविधता और पक्षी संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिखी गई है। प्रशासनिक दायित्वों के बीच प्रकृति के साथ बिताए गए शांत क्षणों ने उन्हें आत्मिक संतुलन और संवेदनशीलता प्रदान की। पक्षियों के अवलोकन से शुरू हुई यह लेखन यात्रा अब सेमल के एक वृक्ष तक पहुंची है। दोनों पुस्तकों में प्रकृति को केवल देखने की वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि जीवन को समझने और महसूस करने के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सादा समारोह के अंत में मण्डलायुक्त ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, पर्यावरण प्रेमियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

JNS News 24

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