अलीगढ़। थाना क्वार्सी क्षेत्र के नगला पटवारी चौकी अंतर्गत रामगढ़ पंजीपुर में कहासुनी के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया
मामला थाना क्वार्सी क्षेत्र के रामगढ़ पंजीपुर का है, जहां देर रात एक निजी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई।

अलीगढ़। थाना क्वार्सी क्षेत्र के नगला पटवारी चौकी अंतर्गत रामगढ़ पंजीपुर में कहासुनी के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक निजी कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी और वहां मंदिर स्थापित करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।मामला थाना क्वार्सी क्षेत्र के रामगढ़ पंजीपुर का है, जहां देर रात एक निजी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते कुछ लोगों ने कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी।बताया जा रहा है कि तोड़फोड़ के बाद मौके पर प्लॉट के दोनों और मूर्ति स्थापित करने का भी प्रयास किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र होने लगे।घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय सर्वम सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी क्वार्सी, नगला पटवारी चौकी प्रभारी, ज्वालापुरी चौकी प्रभारी तथा पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की सलाह दी
जानकारी के अनुसार, जिस कार्यालय एवं प्लॉट में तोड़फोड़ हुई है वह मोहम्मद शाहिद का बताया जा रहा है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार्यालय का निरीक्षण किया है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।दूसरी ओर, पुलिया के पास ग्रामीणों के जमा होने की भी सूचना है। इसे देखते हुए पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और हालात पर नजर बनाए हुए है।पुलिस का कहना है कि निजी संपत्ति में तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



