तिरंगा यात्रा के समापन पर स्वच्छता का संदेश बनी मिसाल, आयुक्त व डीएम ने स्वयं किया श्रमदान
तिरंगा यात्रा के कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में समापन के बाद राष्ट्रभक्ति के साथ स्वच्छता का प्रेरक संदेश भी देखने को मिला

अलीगढ़ तिरंगा यात्रा के कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में समापन के बाद राष्ट्रभक्ति के साथ स्वच्छता का प्रेरक संदेश भी देखने को मिला। रैली में शामिल विद्यार्थियों द्वारा स्वल्पाहार के बाद परिसर में इधर-उधर छोड़े गए खाली खाद्य पैकेट और पानी की बोतलों को देखकर आयुक्त अलीगढ़ मण्डल संगीता सिंह एवं जिलाधिकारी अविनाश कुमार स्वयं आगे आए और स्वच्छता की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेते हुए कचरा एकत्र कर डस्टबिन में डाला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान की भावना को आत्मसात करते हुए दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं श्रमदान कर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति, कर्मचारी या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उनके इस सहज और अनुकरणीय कदम ने मौके पर मौजूद विद्यार्थियों, पीआरडी जवानों और अधिकारियों-कर्मचारियों को भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का प्रत्यक्ष पाठ पढ़ाया।आयुक्त एवं जिलाधिकारी को स्वयं सफाई करते देख स्कूली छात्र-छात्राएं, पीआरडी जवान और अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी तत्काल सफाई अभियान में जुट गए। देखते ही देखते परिसर से खाली पैकेट और पानी की बोतलें एकत्र कर निर्धारित डस्टबिन में डाली गईं। इस अवसर पर अधिकारियों ने विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए। तिरंगे की शान और देशभक्ति की भावना के साथ स्वच्छता का संकल्प भी उतना ही महत्वपूर्ण है।आयुक्त एवं जिलाधिकारी के इस प्रयास ने प्रशासनिक नेतृत्व की संवेदनशील और अनुकरणीय तस्वीर प्रस्तुत की। अधिकारियों के संदेश का असर ऐसा रहा कि जिन हाथों में कुछ देर पहले तिरंगा था, वही हाथ परिसर को स्वच्छ बनाने के लिए श्रमदान करते नजर आए। तिरंगा यात्रा का समापन इस तरह राष्ट्रभक्ति के साथ स्वच्छता, जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य के प्रेरक संदेश के साथ हुआ।



