अलीगढ़

अलीगढ़ में पेयजल आपूर्ति मजबूत, आधुनिक तकनीक से हर घर तक पहुंच रहा शुद्ध पानी

229 नलकूपों से 182.92 एमएलडी जलापूर्ति, भविष्य की जरूरतों के लिए भी पुख्ता इंतजाम

अलीगढ़ : महाप्रबंधक जलकल पी0 के0 सिंह ने बताया है कि नगरवासियों को शुद्ध एवं सुचारू पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम जलकल विभाग द्वारा व्यापक एवं प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। वर्तमान में नगर में 229 नलकूप पूरी क्षमता के साथ क्रियाशील हैं, जबकि 30 नए नलकूपों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिनमें से 10 पर कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 56 नए नलकूपों की स्थापना का कार्य जल निगम द्वारा कराया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में जलापूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी।

नगर की कुल पेयजल आवश्यकता 205.7 एमएलडी है, जिसके सापेक्ष वर्तमान में 182.92 एमएलडी पानी का उत्पादन कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। नगर के विस्तारित 7 वार्डों में भी जलापूर्ति सुदृढ़ करने के लिए जल निगम द्वारा नई व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

जलकल विभाग के अनुसार नगर में 34 अवर जलाशय एवं 25 भूमिगत जलाशयों के माध्यम से जल का भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। सभी 229 नलकूपों का संचालन आधुनिक स्काडा सिस्टम के तहत किया जा रहा है, जिससे नलकूप निर्धारित समय पर स्वतः संचालित होते हैं। यह व्यवस्था इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर से अभियंताओं की निगरानी में संचालित होती है, जिससे आपूर्ति में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है।

पी0 के0 सिंह ने बताया कि नगर में वैकल्पिक जलापूर्ति के लिए 4369 इंडिया मार्क-2 हैंडपंप, 449 समरसेबल पंप एवं 45 मिनी नलकूप स्थापित हैं। इनके रखरखाव के लिए प्रत्येक जोन में 4-4 टीमों का गठन किया गया है, जो शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करती हैं। पेयजल आपूर्ति को मजबूत बनाए रखने के लिए लगभग 1894 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन किया जा रहा है। पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा तत्काल मरम्मत कर सड़क को भी शीघ्र पूर्ववत कराया जाता है। आपातकालीन स्थिति में जलापूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग के पास 38 पेयजल टैंकर उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से आवश्यकतानुसार क्लोरीन युक्त शुद्ध जल की आपूर्ति की जाती है।

जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक नलकूप पर क्लोरीन डोजर स्थापित हैं और उनका संचालन ऑटोमेशन प्रणाली से किया जा रहा है। प्रतिदिन न्यूनतम 40 स्थानों पर ओटी परीक्षण कराया जा रहा है, जबकि भूमिगत जल की गुणवत्ता की नियमित जांच एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराई जाती है। जलकल विभाग द्वारा किए जा रहे इन समन्वित प्रयासों से नगर में वर्तमान में पर्याप्त, शुद्ध एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही भविष्य में जलापूर्ति से संबंधित किसी भी संभावित समस्या से निपटने के लिए भी सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

JNS News 24

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